Azaad bharat News/Raigarh/ Chhattisgarh/- जशपुर, 24 जुलाई। छत्तीसगढ़ के जशपुर जिले में विवाह का झूठा वादा कर युवती से शारीरिक संबंध बनाने के मामले में विशेष न्यायालय (एससी/एसटी अत्याचार निवारण अधिनियम) ने आरोपी को दोषी करार देते हुए 7 वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। न्यायालय ने आरोपी पर ₹1,000 का अर्थदंड भी लगाया है। इसके अलावा एससी/एसटी अधिनियम के तहत 3 माह के सश्रम कारावास की अतिरिक्त सजा भी सुनाई गई है।
पुलिस के अनुसार, मनोज कुमार पाण्डेय (44), निवासी सतना (मध्य प्रदेश), वर्ष 2024 में एक निजी कंपनी में पीड़िता के साथ कार्यरत था। आरोप है कि उसने स्वयं को अविवाहित बताकर युवती से प्रेम संबंध बनाए और विवाह का झूठा आश्वासन देकर कई बार शारीरिक संबंध स्थापित किए।
बाद में पीड़िता को जानकारी मिली कि आरोपी पहले से विवाहित है और उसके बच्चे भी हैं। इसके बाद आरोपी ने विवाह से इनकार कर दिया। पीड़िता ने मामले की शिकायत कुनकुरी थाना में दर्ज कराई।
पुलिस ने विवेचना पूरी कर न्यायालय में चालान प्रस्तुत किया। अभियोजन पक्ष द्वारा प्रस्तुत साक्ष्यों और गवाहों के आधार पर विशेष न्यायालय (एससी/एसटी अत्याचार निवारण अधिनियम), जशपुर ने आरोपी को दोषी ठहराते हुए 7 वर्ष के सश्रम कारावास तथा अर्थदंड की सजा सुनाई।
यह फैसला विवाह का झूठा वादा कर शारीरिक शोषण से जुड़े मामलों में न्यायिक प्रक्रिया और साक्ष्यों के महत्व को रेखांकित करता है।

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