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नई दिल्ली, 25 जुलाई। दिल्ली के जंतर-मंतर पर चल रहे छात्र आंदोलन में बड़ा घटनाक्रम सामने आया है। सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने 26 दिनों का आमरण अनशन समाप्त कर दिया है। उन्होंने बताया कि केंद्र सरकार के मंत्रियों और विभिन्न दलों के सांसदों से बातचीत तथा कुछ प्रमुख मांगों पर लिखित आश्वासन मिलने के बाद उन्होंने यह निर्णय लिया।
हालांकि, आंदोलन अभी समाप्त नहीं हुआ है। आंदोलन का नेतृत्व कर रहे कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) और छात्र संगठनों ने स्पष्ट किया है कि केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे, परीक्षा प्रणाली में व्यापक सुधार, पेपर लीक मामलों में जवाबदेही और प्रदर्शनकारियों पर दर्ज मामलों को वापस लेने जैसी मांगें पूरी होने तक जंतर-मंतर पर विरोध जारी रहेगा।
सरकार और आंदोलनकारियों के बीच हाल के दिनों में कई दौर की वार्ता हुई है। सरकार ने शिक्षा प्रणाली में सुधार, परीक्षा सुरक्षा को मजबूत करने और शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों के खिलाफ प्रतिशोधात्मक कार्रवाई नहीं करने का आश्वासन दिया है। वहीं आंदोलनकारी इन आश्वासनों के ठोस क्रियान्वयन की मांग पर अड़े हुए हैं।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी परीक्षा प्रणाली में सुधार और पेपर लीक के मामलों पर सख्त कानून तथा त्वरित कार्रवाई का भरोसा जताया है। इसके बावजूद प्रदर्शनकारी अपनी मूल मांगों पर कायम हैं और देशभर में विरोध कार्यक्रम जारी रखने की घोषणा की है।
फिलहाल जंतर-मंतर और आसपास के क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी है। प्रशासन स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है, जबकि आंदोलन के अगले चरण को लेकर छात्र संगठनों और सरकार के बीच बातचीत जारी है।