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Azaad bharat News/Raigarh/Chhattisgarh/- अंबिकापुर। सरगुजा संभाग में बाल संरक्षण संस्थानों की सुरक्षा व्यवस्था एक बार फिर सवालों के घेरे में है। 23 जुलाई 2026 की रात प्लेस ऑफ सेफ्टी से तीन अपचारी बच्चे खिड़की तोड़कर फरार हो गए। इसके साथ ही वर्ष 2026 में बाल संप्रेक्षण गृह और प्लेस ऑफ सेफ्टी से बच्चों के फरार होने की कुल चार घटनाएं सामने आ चुकी हैं। दोनों संस्थानों से अब तक दो-दो बार बच्चे फरार हो चुके हैं।
घटनाक्रम पर नजर डालें तो वर्ष 2026 में अब तक—
लगातार हो रही इन घटनाओं ने संस्थानों की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर प्रश्नचिह्न लगा दिए हैं।
मामले का सबसे चिंताजनक पहलू यह है कि अंबिकापुर में जिला बाल संरक्षण अधिकारी (DCPO) का पद वर्ष 2012 से रिक्त बताया जा रहा है। पिछले लगभग 14 वर्षों से पूरा जिला प्रभारी अधिकारी के भरोसे संचालित हो रहा है।
विशेषज्ञों के अनुसार जिला बाल संरक्षण अधिकारी की जिम्मेदारी संस्थानों का निरीक्षण, सुरक्षा मानकों का पालन, बच्चों के पुनर्वास की निगरानी, विभागीय समन्वय और जवाबदेही सुनिश्चित करना है। ऐसे में इतने लंबे समय तक नियमित अधिकारी की नियुक्ति नहीं होना व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करता है।
23 जुलाई को ही कलेक्टर ने महिला एवं बाल विकास विभाग की समीक्षा बैठक में अपचारी बच्चों के बार-बार फरार होने के मामलों पर चिंता जताई थी। बैठक में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने और जिम्मेदारी तय करने के निर्देश दिए गए थे।
विडंबना यह रही कि उसी रात प्लेस ऑफ सेफ्टी से तीन बच्चे फरार हो गए, जिससे सवाल उठ रहे हैं कि क्या बैठकों में लिए गए निर्णय केवल कागजों तक ही सीमित रह जाते हैं।
लगातार हो रही घटनाओं के बाद अब लोगों के बीच कई सवाल चर्चा में हैं—
लगातार सामने आ रही इन घटनाओं के बाद अब आमजन यह जानना चाहते हैं कि क्या केवल जांच समितियां बनती रहेंगी या बाल संरक्षण संस्थानों की सुरक्षा व्यवस्था में स्थायी सुधार के लिए ठोस कदम भी उठाए जाएंगे। फिलहाल प्रशासन की ओर से फरारी की ताजा घटना की जांच जारी है।