Azaad bharat News/Raigarh/Chhattisgarh/- रायगढ़। जिंदल फाउंडेशन द्वारा संचालित जिंदल आशा ने एक बार फिर यह साबित कर दिया है कि उचित प्रशिक्षण, मार्गदर्शन और अवसर मिलने पर विशेष बच्चे राष्ट्रीय ही नहीं, अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी अपनी प्रतिभा का लोहा मनवा सकते हैं। महाराष्ट्र के पुणे में आयोजित पांचवीं पैरा इंडिया ताइक्वांडो राष्ट्रीय प्रतियोगिता में जिंदल आशा के खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए एक रजत और दो कांस्य पदक अपने नाम किए। इस उपलब्धि से रायगढ़, छत्तीसगढ़ और जिंदल आशा का नाम राष्ट्रीय स्तर पर गौरवान्वित हुआ है।
देशभर के विभिन्न राज्यों से लगभग 80 पैरा खिलाड़ियों की सहभागिता वाली इस प्रतिष्ठित प्रतियोगिता में जिंदल आशा के खिलाड़ियों ने लगातार तीसरी बार उत्कृष्ट प्रदर्शन किया। अफरोज खान ने रजत पदक, जबकि सीतेश चौहान एवं दीपक चौहान ने कांस्य पदक जीतकर अपनी प्रतिभा का शानदार प्रदर्शन किया। खिलाड़ियों की इस सफलता ने यह साबित किया कि विशेष बच्चों में असीम संभावनाएं होती हैं, जिन्हें सही दिशा और प्रशिक्षण मिलते ही वे बड़ी उपलब्धियां हासिल कर सकते हैं।
विश्व प्रतियोगिता में करेंगे भारत का प्रतिनिधित्व
पैरा ताइक्वांडो रायगढ़ के कोच मोहन आदित्य ने बताया कि खिलाड़ियों के उत्कृष्ट प्रदर्शन के आधार पर उनका चयन आगामी विश्व पैरा ताइक्वांडो प्रतियोगिता के लिए भारत का प्रतिनिधित्व करने हेतु किया जाएगा। यह उपलब्धि खिलाड़ियों की कड़ी मेहनत, समर्पण और जिंदल आशा द्वारा वर्षों से दिए जा रहे गुणवत्तापूर्ण प्रशिक्षण का परिणाम है।
विशेष बच्चों को आत्मनिर्भर बनाने का मिशन
श्रीमती शालू जिंदल के मार्गदर्शन में संचालित जिंदल आशा विशेष बच्चों के समग्र विकास के लिए समर्पित एक अग्रणी संस्थान है। यहां बच्चों की व्यक्तिगत क्षमताओं की पहचान कर उन्हें खेल, शिक्षा, कला एवं कौशल विकास सहित विभिन्न क्षेत्रों में विशेषज्ञ प्रशिक्षकों द्वारा व्यवस्थित प्रशिक्षण दिया जाता है। संस्थान का उद्देश्य विशेष बच्चों को आत्मनिर्भर बनाते हुए उन्हें राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बनाने के लिए सक्षम बनाना है।












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