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Azaad bharat News/Raigarh/Chhattisgarh/- रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व और विशेष प्रयासों से आदिवासी बाहुल्य जशपुर जिले में चिकित्सा शिक्षा के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि जुड़ गई है। शैक्षणिक सत्र 2026-27 से जशपुर में एमबीबीएस की पढ़ाई का औपचारिक शुभारंभ हो गया है। मेडिकल कॉलेज की स्वीकृत 50 सीटों में से प्रथम चरण में 41 विद्यार्थियों ने प्रवेश ले लिया है, जबकि शेष सीटों के लिए दूसरे चरण की प्रवेश प्रक्रिया जारी है।
मेडिकल कॉलेज की 50 सीटों में 42 सीटें राज्य कोटा, 7 सीटें केंद्रीय कोटा और 1 सीट सेंट्रल पूल के अंतर्गत भरी जाएगी। मेडिकल शिक्षा की शुरुआत से स्थानीय विद्यार्थियों को मेडिकल क्षेत्र में नए अवसर मिलेंगे। साथ ही जशपुर और आसपास के क्षेत्रों में विशेषज्ञ स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार का रास्ता भी खुलेगा।
झारगांव पॉलीटेक्निक कॉलेज में शुरू हुई पढ़ाई
मेडिकल कॉलेज के स्थायी भवन के निर्माण तक झारगांव स्थित पॉलीटेक्निक कॉलेज भवन में वैकल्पिक व्यवस्था के तहत शैक्षणिक गतिविधियों का संचालन किया जा रहा है। विद्यार्थियों की पढ़ाई के लिए आवश्यक आधारभूत सुविधाएं विकसित की जा रही हैं। छात्र-छात्राओं के लिए अलग-अलग छात्रावास की व्यवस्था भी सुनिश्चित की गई है।
प्रयोगात्मक एवं व्यावहारिक अध्ययन के लिए जिला चिकित्सालय में आवश्यक व्यवस्थाएं की गई हैं। वहीं मेडिकल कॉलेज का प्रशासनिक कार्यालय जिला चिकित्सालय के समीप निर्माणाधीन क्रिटिकल केयर अस्पताल भवन में संचालित किया जाएगा।
फैकल्टी के पदों को भी मिली मंजूरी
मेडिकल कॉलेज के संचालन के लिए प्रोफेसर के 14, एसोसिएट प्रोफेसर के 20 और असिस्टेंट प्रोफेसर के 25 पदों सहित अन्य आवश्यक पदों की स्वीकृति प्रदान की गई है। इससे मेडिकल कॉलेज में गुणवत्तापूर्ण शैक्षणिक व्यवस्था विकसित करने में मदद मिलेगी।
चराईडांड में ₹359 करोड़ से बनेगा स्थायी परिसर
जशपुर को चिकित्सा शिक्षा और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाओं का प्रमुख केंद्र बनाने की दिशा में कुनकुरी के चराईडांड में शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय के स्थायी परिसर का निर्माण किया जाएगा। इसके लिए ₹359 करोड़ की स्वीकृति प्रदान की गई है।
मेडिकल कॉलेज परिसर के साथ यहां 220 बिस्तरों की क्षमता वाले अत्याधुनिक अस्पताल का निर्माण भी प्रगति पर है। स्थायी परिसर और अस्पताल के पूर्ण होने के बाद जिले के लोगों को बेहतर उपचार सुविधाएं स्थानीय स्तर पर उपलब्ध होने की उम्मीद है।
स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार पर भी जोर
जशपुर जिले में स्वास्थ्य और चिकित्सा शिक्षा के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए कई परियोजनाओं पर काम चल रहा है। फरसाबहार क्षेत्र में सत्य साईं ट्रस्ट द्वारा सत्य साईं मातृ-शिशु अस्पताल का निर्माण प्रगति पर है। वहीं संजीवनी एंबुलेंस की संख्या में भी वृद्धि की गई है।
इसके अलावा गिनाबहार में 50 बिस्तरों वाले मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य यूनिट, नर्सिंग कॉलेज, फिजियोथेरेपी कॉलेज और नेचुरोपैथी सेंटर का निर्माण भी किया जा रहा है।
इन परियोजनाओं के पूर्ण होने के बाद जशपुर में चिकित्सा शिक्षा के अवसरों का विस्तार होने के साथ जिलेवासियों को आधुनिक, सुलभ और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सुविधाएं स्थानीय स्तर पर मिलने की दिशा में महत्वपूर्ण प्रगति होगी।