Azaad bharat News/Raigarh/ Chhattisgarh/रायगढ़। जिला कांग्रेस के नेतृत्व में मनेंद्रगढ़ के पूर्व विधायक डॉक्टर विनय जायसवाल ने एक महत्वपूर्ण पत्रकार वार्ता को संबोधित किया। उन्होंने प्रदेश की वर्तमान भाजपा सरकार की जनविरोधी नीतियों पर तीखा प्रहार करते हुए कहा कि आज राज्य का हर वर्ग सरकार की गलत नीतियों से त्रस्त है। बीते दिन इसी विषय को लेकर कांग्रेस सड़क पर भी उतरी थी और आज सभी जिलों में जनता की आवाज उठाई जा रही है।
पांचवीं बार बिजली दरों में वृद्धि /-
प्रेसवार्ता में डॉ. जायसवाल ने आंकड़ों के साथ सरकार की नाकामियों को सामने रखा और कहा कि
लगातार पांचवीं बार बढ़ोतरी हुई है। भाजपा सरकार बनने के बाद यह रिकॉर्ड पांचवीं बार है जब बिजली के दामों में वृद्धि की गई है। इस बार घरेलू उपभोक्ताओं के लिए 30 से 50 पैसे, कमर्शियल के लिए 20 से 40 पैसे और किसानों के कृषि पंपों के लिए भी 40 पैसे की बढ़ोतरी की गई है।
अधिभार का अतिरिक्त बोझ:
सरकार ने हाल ही में बिजली के दामों में 12% प्रतिशत विद्युत ईंधन अधिभार (एमपीएस) लगाकर जनता पर और आर्थिक बोझ डाल दिया है। कांग्रेस सरकार के 5 साल के कार्यकाल में बिजली के दामों में महज 2 पैसे की बढ़ोतरी हुई थी और 400 यूनिट तक बिजली बिल हाफ योजना लागू थी। भाजपा ने आते ही इस योजना को बंद कर दिया, जिससे मध्यम वर्गीय और बीपीएल परिवारों का बजट पूरी तरह बिगड़ गया है, जहां सामान्य तौर पर भी 200 यूनिट की खपत होती है।
स्मार्ट मीटर के नाम पर फर्जीवाड़ा/-
राज्य में लगाए जा रहे स्मार्ट मीटरों के कारण उपभोक्ताओं का बिल औसत से तीन से चार गुना अधिक आ रहा है। उपभोक्ताओं की सहमति के बिना उनका अनुबंध भार बढ़ा दिया जा रहा है और एग्रीमेंट से अधिक खपत बताकर भारी अर्थदंड वसूला जा रहा है। अकेले जून महीने में राज्य के 45 लाख से अधिक उपभोक्ताओं का बिजली बिल सामान्य से तीन गुना अधिक आया है। सरकार 24 घंटे बिजली देने में नाकाम है, लेकिन अनाप-शनाप बिल भेजने और ऑनलाइन-ऑफलाइन अलग-अलग बिल देकर जनता को भ्रमित करने में लगी है।
कांग्रेस की मांग और चेतावनी-
डॉ. विनय जायसवाल ने उत्तर प्रदेश का उदाहरण देते हुए कहा कि वहां की भाजपा सरकार को भी जनविरोध के आगे झुककर स्मार्ट मीटर का फैसला वापस लेना पड़ा था। छत्तीसगढ़ की सरकार को भी जनहित में तुरंत स्मार्ट मीटर योजना और बढ़े हुए बिजली बिल व टैरिफ को वापस लेना चाहिए। उन्होंने कड़ी चेतावनी देते हुए कहा कि यदि सरकार इस बढ़े हुए आर्थिक बोझ को वापस नहीं लेती है, तो कांग्रेस इसके विरोध में पूरे प्रदेश में उग्र आंदोलन खड़ा करेगी।


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