Azaad bharat News/Raigarh/Chhattisgarh- सरकार की री-डेवलपमेंट स्कीम पर काम शुरू होने जा रहा है। इस कड़ी में बीआईटी शंकर नगर में आवासीय-व्यावसायिक परिसर का निर्माण किया जाएगा। करीब दो साल पहले रायपुर, दुर्ग और राजनांदगांव के सात जर्जर और पुराने कॉम्प्लेक्सों तथा पाश इलाकों की रिक्त जमीनों पर आवासीय और व्यावसायिक निर्माण के प्रस्ताव को कैबिनेट ने मंजूरी दी थी। राज्य हाउसिंग बोर्ड के जरिए उक्त री-डेवलपमेंट स्कीम पर अब जाकर काम शुरू हो रहा है। बताया गया कि सातों स्थानों के निर्माण प्रस्ताव तैयार कर मुख्य सचिव की समिति को मंजूरी के लिए भेजे गए थे। सूत्रों के मुताबिक सीएस की समिति ने कुछ बिंदुओं पर जानकारी मांगी है, जिसका जवाब भी भेज दिया गया है।
राज्य हाउसिंग बोर्ड के चेयरमैन अनुराग सिंहदेव ने ‘छत्तीसगढ़’ से चर्चा में कहा कि प्रस्ताव पर सीएस की समिति में विचार चल रहा है। उन्होंने उम्मीद जताई कि बोर्ड के प्रस्ताव को जल्द मंजूरी मिल जाएगी। सिंहदेव ने बताया कि रायपुर की शांति नगर सिंचाई कॉलोनी और बीआईटी शंकर नगर में आवासीय-व्यावसायिक परिसर निर्माण की योजना है। उन्होंने कहा कि बीआईटी शंकर नगर योजना पर प्रथम चरण में काम होगा, जबकि शांति नगर योजना का कार्य बाद में शुरू किया जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि शांति नगर सिंचाई कॉलोनी की जमीन हाउसिंग बोर्ड के आधिपत्य में आ चुकी है और अब इसमें कोई दिक्कत नहीं रह गई है। बताया गया कि बीआईटी शंकर नगर में पीपीपी मॉडल पर आवासीय-व्यावसायिक परिसर का निर्माण किया जाएगा। इसके लिए ऑफर बुलाए जाएंगे और इस पर जल्द फैसला होने की उम्मीद है। गौरतलब है कि दोनों योजनाओं पर सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने आपत्ति जताई थी। उन्होंने दोनों स्थानों पर आवासीय-व्यावसायिक परिसर के बजाय ऑक्सीजन जोन बनाने के संबंध में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय को पत्र लिखा था। हालांकि अब उनकी आपत्ति को दरकिनार कर दिया गया।

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