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Azaad bharat News/Raigarh/Chhattisgarh/- रायगढ़ जिले के धरमजयगढ़ वन मंडल क्षेत्र में हाथी के हमले में एक ग्रामीण की मौत होने की आशंका जताई जा रही है। रायगढ़ जिले के धरमजयगढ़ वन मंडल क्षेत्र में हाथी के हमले में एक ग्रामीण की मौत होने की आशंका जताई जा रही है। ग्रामीण का शव जंगल क्षेत्र में मिला, जिसके बाद वन विभाग और पुलिस को सूचना दी गई।
मामला कापू रेंज क्षेत्र का है।
जानकारी के अनुसार ग्राम इंदकालो निवासी मालिकराम बंजारा शुक्रवार को जलाऊ लकड़ी लेने जंगल गया था।
देर रात तक घर वापस नहीं लौटने पर परिजन और ग्रामीण उसकी तलाश में जुट गए।
शनिवार सुबह अलोला बीट क्षेत्र के जंगल में एक ग्रामीण का शव पड़ा मिला।
शव की स्थिति देखकर स्थानीय लोगों ने हाथी के हमले की आशंका जताई, जिसके बाद वन विभाग को सूचना दी गई।
सूचना मिलने के बाद वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और शव का पंचनामा कर पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया।
विभागीय स्तर पर आगे की जांच और आवश्यक कार्रवाई की जा रही है।
वन विभाग के अनुसार कापू रेंज और आसपास के क्षेत्रों में पिछले कुछ दिनों से हाथियों की गतिविधियां देखी जा रही हैं।
ग्रामीणों को मुनादी कर जंगल क्षेत्रों में सावधानी बरतने और अनावश्यक रूप से जंगल नहीं जाने की सलाह दी जा रही थी।
वन विभाग के आंकड़ों के अनुसार धरमजयगढ़ वन मंडल क्षेत्र में वर्तमान में 135 हाथियों का दल विचरण कर रहा है।
इनमें नर, मादा और शावक हाथी शामिल हैं, जिनकी गतिविधियों पर विभाग लगातार नजर रख रहा है।, जिसके बाद वन विभाग और पुलिस को सूचना दी गई।
मामला कापू रेंज क्षेत्र का है।
जानकारी के अनुसार ग्राम इंदकालो निवासी मालिकराम बंजारा शुक्रवार को जलाऊ लकड़ी लेने जंगल गया था।
देर रात तक घर वापस नहीं लौटने पर परिजन और ग्रामीण उसकी तलाश में जुट गए।
शनिवार सुबह अलोला बीट क्षेत्र के जंगल में एक ग्रामीण का शव पड़ा मिला।
शव की स्थिति देखकर स्थानीय लोगों ने हाथी के हमले की आशंका जताई, जिसके बाद वन विभाग को सूचना दी गई।
सूचना मिलने के बाद वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और शव का पंचनामा कर पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया।
विभागीय स्तर पर आगे की जांच और आवश्यक कार्रवाई की जा रही है।
वन विभाग के अनुसार कापू रेंज और आसपास के क्षेत्रों में पिछले कुछ दिनों से हाथियों की गतिविधियां देखी जा रही हैं।
ग्रामीणों को मुनादी कर जंगल क्षेत्रों में सावधानी बरतने और अनावश्यक रूप से जंगल नहीं जाने की सलाह दी जा रही थी।
इनमें नर, मादा और शावक हाथी शामिल हैं, जिनकी गतिविधियों पर विभाग लगातार नजर रख रहा है।