लोकतंत्र एक ऐसी व्यवस्था है, जिसमें लोगों को स्वतंत्रता और मानवाधिकारों की प्राप्ति होती है। वैसे तो विश्व भर में साम्यवाद, राजशाही तथा तानाशाही जैसे तमाम तरह की शासन प्रणालियां है, लेकिन लोकतंत्र को इन सभी से श्रेष्ठ माना गया है। ऐसा सिर्फ इसलिए क्योंकि लोकतंत्र में जनता के पास चुनावों द्वारा अपनी सरकार स्वयं चुनने की शक्ति होती है।पर आज ये देखने को मिल रहा है कि हम अपने मातााधिकार को बेच रहे हैं अधिक लोग अंतिम समय तक भाव बढ़ाने रुके होते है.
एक लोकतांत्रिक देश में चुनाव व्यवस्था का काफी महत्व होता है क्योंकि इसी के द्वारा जनता अपने देश के सरकार का चुनाव करती है। चुनाव लोकतंत्र को सुचारु रुप से चलाने के लिए बहुत ही आवश्यक है। एक लोकतांत्रिक देश के हर नागरिक का यह कर्तव्य है कि वह चुनाव में मतदान करके लोकतंत्र की रक्षा का महत्वपूर्ण कार्य करें। हमें कभी भी यह नही सोचना चाहिए कि यदि मैं वोट नही दूंगा/दूंगी तो क्या फर्क पड़ेगा लेकिन लोगों को यह बात समझनी चाहिए कि कई बार चुनावों में एक ही वोट द्वारा हार-जीत का फैसला होता है।
इस तरह से लोकतंत्र में चुनाव पक्रिया एक सामान्य नागरिक को भी विशेष अधिकार प्रदान करती है क्योंकि चुनाव में मतदान करके वह सत्ता और शासन के संचालन में हिस्सेदार बन सकता है। किसी भी लोकतांत्रिक देश में होने वाले चुनाव उस देश के नागरिकों को यह शक्ति प्रदान करते है क्योंकि चुनाव प्रक्रिया के द्वारा नागरिक स्वार्थी या फिर विफल शासकों और सरकारों का तख्ता पलट करते हुए उन्हें सत्ता से बाहर का रास्ता दिखा सकती है।
कई बार चुनावों के दौरान नेताओं द्वारा लुभावने वादे या फिर उन्मादी बातें करकर जनता का वोट हांसिल करने का प्रयास किया जाता है। हमें इस बात को लेकर सजग रहना चाहिए कि हम चुनावों के दौरान ऐसे झांसो में ना आये और साफ-सुधरे तथा ईमानदार छवि वालें लोगों को राजनैतिक पदों के लिए चुनें क्योंकि चुनाव के दौरान अपने मत का जागरुक रुप से प्रयोग करना ही चुनाव के सार्थकता का प्रतीक है।
लोकतंत्र की सफलता के लिए यह काफी आवश्यक है कि राजनीतिक शासकीय पदों पर स्वच्छ तथा ईमानदार छवि के लोग चुनकर जायें, जोकि सिर्फ जनता के बहुमूल्य वोटों के ताकत द्वारा ही संभव है। इसलिए हमें हमेशा इस बात का प्रयास करना चाहिए कि हम अपने वोट का सही उपयोग करें और कभी भी जाति-धर्म या फिर लोकलुभावन वादों को देखते हुए चुनावों में मतदान ना करें क्योंकि यह लोकतंत्र के लिए हितकर नही है। जब शासकीय पदों पर सही लोग चुनकर जायेंगे तभी किसी भी देश का विकास संभव है और ऐसा होने पर ही चुनाव का वास्तविक अर्थ सार्थक हो पायेगा।
चुनाव लोकतंत्र का एक बहुत ही महत्वपूर्ण हिस्सा है, इसके बिना लोकतंत्र का सुचारु रुप से कार्यन्वन संभव नही है। हमें इस बात को समझना होगा कि चुनाव वह अवसर होता है, जब हमें अपने मतदान का सही उपयोग करना चाहिए क्योंकि चुनाव के दौरान जनता अपने मत का सही उपयोग करते भ्रष्ट तथा विफल सरकारों को सत्ता से बाहर कर सकती है। यही कारण है कि लोकतंत्र में चुनाव को इतना महत्वपूर्ण स्थान दिया जाता है। बहरहाल, 17 नवंबर को दूसरे चरण के मतदान में अपने मत का प्रयोग जरूर करें और योग्य प्रत्यशी को चुनें जिसे अपने क्षेत्र का विकास हो सके।

.jpg)








.jpg)





