Azaad bharat News/ Raigarh/Chhattisgarh -नई दिल्ली। गृह मंत्रालय (एमएचए) ने राष्ट्रगान और राष्ट्रगीत के सम्मान तथा उनके सही गायन और वादन को लेकर सभी राज्यों, केंद्र शासित प्रदेशों और केंद्र सरकार के मंत्रालयों को महत्वपूर्ण निर्देश जारी किए हैं। मंत्रालय ने कहा है कि पहले से निर्धारित दिशा-निर्देशों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित किया जाए और राष्ट्रीय प्रतीकों की गरिमा किसी भी स्थिति में प्रभावित नहीं होनी चाहिए।
गृह मंत्रालय ने 9 जुलाई को सभी राज्यों के मुख्य सचिवों, केंद्र शासित प्रदेशों के प्रशासकों तथा केंद्र सरकार के मंत्रालयों और विभागों के सचिवों को पत्र भेजकर निर्देशों का पालन कराने को कहा है। साथ ही अपने अधीन सभी कार्यालयों, शैक्षणिक संस्थानों और अन्य सरकारी संगठनों को भी इन नियमों से अवगत कराने के निर्देश दिए हैं।
राष्ट्रगीत पहले, फिर राष्ट्रगान
मंत्रालय के अनुसार यदि किसी कार्यक्रम में राष्ट्रगीत और राष्ट्रगान दोनों प्रस्तुत किए जाते हैं, तो सबसे पहले राष्ट्रगीत और उसके बाद राष्ट्रगान प्रस्तुत किया जाएगा। वहीं जिन राज्यों में राज्य गीत भी गाया जाता है, वहां क्रम होगा— राष्ट्रगीत, राष्ट्रगान और उसके बाद राज्य गीत।
सही शब्द और शुद्ध उच्चारण पर जोर
गृह मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि राष्ट्रगान और राष्ट्रगीत का गायन या वादन करते समय अधिकृत शब्दों, शुद्ध उच्चारण और निर्धारित प्रस्तुति शैली का ही पालन किया जाए। किसी भी प्रकार की त्रुटि या बदलाव से बचने के लिए अधिकृत संस्करण गृह मंत्रालय की आधिकारिक वेबसाइट पर उपलब्ध कराए गए हैं।
सभी संस्थानों को पालन सुनिश्चित करने के निर्देश
मंत्रालय ने राज्य सरकारों, केंद्र शासित प्रदेशों और सभी केंद्रीय मंत्रालयों से कहा है कि वे अपने अधीन आने वाले विभागों, कार्यालयों, स्कूलों, कॉलेजों और अन्य संस्थानों में इन दिशा-निर्देशों का पालन सुनिश्चित करें।
गृह मंत्रालय का कहना है कि इन निर्देशों का उद्देश्य पूरे देश में राष्ट्रगान और राष्ट्रगीत के गायन एवं वादन की एक समान व्यवस्था सुनिश्चित करना और राष्ट्रीय सम्मान की गरिमा बनाए रखना है।



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