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रायगढ़ 26 नवम्बर। भारत माता की जय, अमर शहीद कर्नल विप्लव त्रिमूर्ति अमर रहे जैसे नारों से ठेंगापाली स्थित देवलास स्टेडियम में गूंज उठा। एक बार ऐसा लगा कि शहीद के नाम पर एक भव्य सभा का आयोजन किया गया था जहां दस हजार के करीब लोग जुटे थे, यह कार्यक्रम शहीद कर्नल विप्लव त्रिमूर्ति स्मृति बॉल्ड क्रिकेट टूर्नामेंट के फाइनल का था। जहां बिलासपुर की मिलर इलेवन और तमनार की ब्लैक पैंथर फाइट के बीच मुकाबला था। एक आसान से फाइनल में मिलर इलेवन ने 7विकिट से जीत हासिल की।
फाइनल मैच में मुख्य अतिथि शहीद कर्नल विप्लव त्रिपाल की माता श्रीमती आशा त्रिपाल, पिता श्री सुभाष त्रिपाल रहे, विशिष्ट अतिथि के रूप में कर्नल विप्लव त्रिपाल के शो में भाजपा नेता रत्थू गुप्ता, एनटीपीसी के प्रतिनिधि, स्थानीय प्रतिनिधि एवं पूर्व सैनिक कल्याण संघ के लोग शामिल हुए। रहे। टॉस जीतने के बाद मिलर इलेवन ने क्षेत्रीय आरक्षण का निर्णय लिया। ब्लैक पैंथर की शुरुआत अपरिमित रही क्योंकि उन्होंने 11 ओवर में 5 विकेट खोकर 12 रन का लक्ष्य निर्धारित किया। रवि ने 20 गेंदों में 20 गेंदों में 3 चौका और एक छक्का शामिल किया था। ब्लैक पैंथर टीम में शामिल मिलर एलेवी के सहयोगी जीसान अहमद ने अपने 3 ओवर में केवल 6 रन दिए। वहीं हैदर के घातक स्कोर ने एक बड़े रन को रोक दिया। उन्होंने 3 ओवर में 2 विकेट झटके जिसके लिए उन्होंने 14 मिनट का रन खर्च किया।
फाइनल में लक्ष्य हासिल करना आसान नहीं था, ब्लैक पैंथर की टीम के दबाव में खराब फील्डिंग के कारण रन बने तो गंवाए ही साथ ही साथ आसान से कैच भी छोड़ दिया, सबसे खराब मिलर एलीवेन ने सिर्फ 9.2 ओवर में लक्ष्य हासिल कर लिया। टीम की ओर से हैदर ने हरफनमोला ने 26 ट्रेलर में 43 रन ठोक का प्रदर्शन किया जिसमें 5 सीसे और 2 नौकर शामिल थे। मैन ऑफ सीरीज़ एनवायरनमेंट धर ने 17 गेंदों में 41 रन बनाए। उनमें 5 सिल्हूट और 2 सिवाए जड़ाटे भी शामिल थे जिनमें से एक विजयी छक्का भी शामिल था। ब्लैक पैंथर की ओर से सिर्फ मयंक ने ही अच्छी गेंदबाजी करते हुए 3 ओवर में 9 रन बनाकर एक विकेट हासिल किया। विश्व को बॉलर ऑफ द टूर्नामेंट और बैटर ऑफ द टूर्नामेंट का भी नाम दिया गया है। वहीं फाइनल मैच के हीरो हैदर अली रहे 43 रन बनाए और 2 महत्वपूर्ण विकेट लिए। मिलर इलेवन के अनमोल सिदार बेस्ट फिल्डर रहे।
विदित हो कि शारदा सेवा समिति द्वारा 2 वर्ष पूर्व शहीद कर्नल विप्लव त्रिपल की स्मृति में यह टूर्नामेंट आयोजित किया जा रहा है। जिसमें संस्था समिति के अध्यक्ष पूर्व सैनिक संजय पंडा, उपाध्यक्ष सुरेंद्र मिश्रा, सचिव सह पदाधिकारी पंचानन निषाद समेत प्रभात मिश्रा, संजय पंडा, दीपक मिश्रा, सिकंदर वानी, उपेंद्र वानी, नित्यानंद निषाद आदि शामिल रहे। स्कोरर कुश करन ने पूरे टूर्नामेंट में अपनी सलामी दी। वहीं ऑनलाइन स्कोरर लैंडलैंड मिर्धा ने अपनी अहम भूमिका निभाई। वरिष्ठ शिक्षक गोकुल पांडा ने इस पूरे टूर्नामेंट में एक संरक्षक की भूमिका निभाई, जिसके कारण यह टूर्नामेंट सफलता से पूर्ण हुआ।
*पूरे गांव का है टूर्नामेंट*
ठेंगापाली गांव के सरपंच राकेश साहू ने बताया कि शहीद कर्नल विप्लव त्रिमूर्ति स्मृति में इस क्रिकेट टूर्नामेंट को आयोजित करने के लिए पूरे गांव वाले उत्सुक रहते हैं। आज फाइनल के एक ही दिन में तीन अलग-अलग जगहों पर एक हजार से ज्यादा लोगों के खाने की व्यवस्था की गई है। इसके अलावा जब से यह टूर्नामेंट शुरू हुआ है तब से बाहर से आने वाली प्रतियोगिता के खिलाड़ी प्रबंधन से लेकर उन्हें रोकने तक की पूरी जिम्मेदारी गांववालों की ही है। शहीद कर्नल विप्लव त्रिपल, शहीद अनुजा त्रिपल और बाल शहीद अबीर त्रिपल हमारे गांव के न भी हमारे अपने हैं। गांव का बच्चा-बच्चा उनकी पौराणिक कथा बड़े गर्व से सुनाता है। अब ऐसा लगता है कि ठेंगापाली शहीद कर्नल विप्लव त्रिपोली का ही गांव है। हमें खुशी है कि आज उनका पूरा परिवार, हमारा दोस्त हमारे गांव में आया और हम सभी ने उनका आशीर्वाद लिया।
*मेरा बेटा भी यह मैच देख रहा होगा: आशा ट्रिप*
अपने सिद्धांत में माता शहीद कर्नल विप्लव त्रिपली की पत्नी आशा त्रिपली ने कहा कि खेल में कोई हारता नहीं है। खेल में विजेता और उपविजेता होता है। सभी खिलाड़ियों ने अच्छा खेला। इससे पहले मैं ठेंगापाली गांव में नहीं जाता था लेकिन अब ऐसा लगता है कि यहां का हर बच्चा मेरा बेटा है। अपने मुझे बेटे की एक्स यहां दिखती है। बहन की बहन इतनी बोली कि उसने अपनी बातें सुनीं और कहा कि मेरे बेटे ने गांव में इतना प्यार किया और उसके जयकारे के बीच एक बार मुझे ऐसा लगा कि मेरा बेटा विप्लव आसपास इस समारोह को देख रहा है। मेरे बेटे के साथ मेरी बहू अंजा ट्रिपल और मेरी नाती अबीर ट्रिप भी शहीद हो गई थी। सभी मेरे पुत्रों के साथ इन्हें भी याद रखें।
*विप्लव, अंजा और अबीर के नाम से गूंजा देवलास मैदान*
देवलास मैदान में रविवार दो से ही शहीद विप्लव त्रिपाण, अंजा त्रिपाण और अबीर त्रिमूर्ति के नाम के जयकारे और उनके अमर निवास को लेकर लगातार भीड़ उमड़ रही थी जब शहीद के स्थानीय क्षेत्र तब तो मैदान का नजारा ही देखने को मिल रहा था। हर कोई शहीद के माता-पिता से आशीष लेकर पहुँच रहा था। मैच शुरू होने से पहले जब मैदान में राष्ट्रीय गीत के बाद शहीद कर्नल विप्लव ट्रिपल के जयकारे लगे तो वहां ज्यादातर लोगों का नाम हो गया था।