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सोनम वांगचुक ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से लोगों की आवाज़ सुनने की अपील की। साथ ही उन्होंने सभी राजनीतिक दलों के नेताओं से इस आंदोलन में शामिल होकर शिक्षा व्यवस्था में सुधार की मांग का समर्थन करने का आग्रह किया।
जब उनसे पूछा गया कि क्या केवल 1 मंत्री के इस्तीफे से परीक्षा प्रणाली की समस्याओं का समाधान हो जाएगा, तो उन्होंने कहा कि यह अंतिम समाधान नहीं है, लेकिन इससे जवाबदेही तय करने की शुरुआत होगी। उनके अनुसार, जब तक सरकार जवाबदेही सुनिश्चित नहीं करेगी, तब तक इस तरह की घटनाएं दोहराई जाती रहेंगी।
सोनम वांगचुक ने कहा कि परीक्षा प्रणाली में गड़बड़ियों का असर पूरे समाज पर पड़ता है। यदि पेपर लीक के जरिए छात्र डॉक्टर या इंजीनियर बनते हैं, तो भविष्य में स्वास्थ्य सेवाओं और निर्माण कार्यों की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल खड़े हो सकते हैं। उन्होंने कहा कि यह केवल शिक्षा का मुद्दा नहीं, बल्कि देश के भविष्य और नागरिकों की सुरक्षा से जुड़ा विषय है।
फिलहाल जंतर-मंतर पर प्रदर्शन जारी है और प्रदर्शनकारी परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता, जवाबदेही तथा व्यापक सुधार की मांग पर अड़े हुए हैं।