अपनी पसंद की खबर खोजें
Azaad-bharat News/. छत्तीसगढ़/. दुर्ग/छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले में एक मासूम बच्ची की संदिग्ध हालत में मौत ने पूरे क्षेत्र को हिला कर रख दिया है। बच्ची का शव एक कार में संदिग्ध परिस्थिति में मिलने के बाद पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए जांच शुरू की और अब इस मामले में कई चौंकाने वाले तथ्य सामने आ रहे हैं। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में दुष्कर्म की पुष्टि हो गई है। बच्ची की हत्या और लाश की जानकारी मिलते ही परिजन के साथ भीड़ में जमा हो गई और भीड़ ने आरोपी युवक के कार और घर में पथराव व तोड़फोड़ किया। इसके बाद घर को आग के हवाले कर दिया। पुलिस ने अब तक इस मामले में तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है।
एडिशनल एएसपी सुखनन्दन राठौर ने जानकारी देते हुए बताया कि शॉर्ट पोस्टमार्टम रिपोर्ट में रेप की पुष्टि हो चुकी है। शव को ई-रिक्शा के माध्यम से थाने लाया गया, जिससे क्षेत्र में तनाव की स्थिति बन गई। डॉक्टर ने शुरुआती जांच में बच्ची की मौत इलेक्ट्रिक शॉक लगने से होना बताया है। इस वारदात के बाद स्थानीय लोगों ने थाने का घेराव कर दिया है इसके बाद इलाके में बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात कर दी गई है। इस दर्दनाक घटना के बाद इलाके में आक्रोश का माहौल है। स्थानीय लोग सड़कों पर उतर आए हैं और वे दोषियों को जल्द से जल्द कड़ी सजा दिए जाने की मांग कर रहे हैं।
सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार बच्ची के शरीर पर कई स्थानों पर गंभीर चोट के निशान पाए गए हैं। इससे जाहिर होता है कि बच्ची के साथ क्रूरता की सारी हदें पार की गई हैं। पोस्टमार्टम के दौरान बच्ची के शरीर के अंदरूनी हिस्सों में सिगरेट से जलाने के निशान भी मिले हैं।
सबसे हैरान करने वाली बात यह है कि इस भयावह वारदात में बच्ची का एक नजदीकी परिजन भी शामिल हो सकता है। सूत्रों का कहना है कि पुलिस को बच्ची के चाचा पर विशेष रूप से शक है और मामले की जांच उसी दिशा में आगे बढ़ रही है। फिलहाल पुलिस ने संदिग्धों से पूछताछ शुरू कर दी है और परिवार के अन्य सदस्यों को भी निगरानी में रखा गया है।
आपको बता दें कि यह घटना रविवार की है। बच्ची सुबह 9 बजे अपने घर से कन्या भोज में शामिल होने के लिए निकली थी। उसने पीले रंग की फ्रॉक पहन रखी थी और हाथ में छोटा सा पर्स भी था। वह अपने पिता की बुआ के घर कुछ देर रुकी और फिर वहां से अचानक लापता हो गई। परिजनों को जब बच्ची नहीं मिली तो खोजबीन शुरू की गई। दोपहर 12 बजे बच्ची की मां दादी-बुआ के घर पहुंचीं और फिर पूरा परिवार उसकी तलाश में जुट गया।
तलाश के दौरान मोहल्ले का ही एक युवक जो बाद में संदिग्ध पाया गया, परिजनों को गुमराह करता रहा। अंततः वही युवक एक खाली मैदान में खड़ी कार की डिक्की खोलते हुए बोला – “बच्ची यहां है।” बच्ची की हालत देखकर सब सन्न रह गए। उसके शरीर पर चोटों के गंभीर निशान, करंट से जलने के चिह्न, और शरीर का अकड़ा हुआ होना कई सवाल खड़े करता है। परिजनों के अनुसार बच्ची के चेहरे से झाग निकल रहा था और उसके हाथ-पैर बुरी तरह से छिले हुए थे।