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रायपुर। नक्सलियों का दोहरा चेहरा एक बार फिर सामने आया है. सीपीआई (एम) दण्डकारण्य स्पेशल जोनल कमेटी की ओर से जारी बयान में एक ओर सरकार के बातचीत के प्रस्ताव को बेईमानी करार देते हुए ठुकरा दिया. वहीं दूसरी ओर जनता के हितों का हवाला देते हुए वार्ता के लिए हमेशा तैयार रहने की बात भी कह डाली. भारत की कम्युनिस्ट पार्टी (माओवादी) की ओर से प्रवक्ता विकल्प की ओर से जारी बयान में कहा कि छत्तीसगढ़ के उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा और केंद्रीय गृहमंत्री ने हाल ही सार्वजनिक तौर पर कहा कि वे माओवादियों के साथ चाहे सीधी या वर्चुअल बातचीत के लिए तैयार है. इस पर कई पत्रकारों, बुद्धिजीवियों ने हमारी प्रतिक्रिया मांगी. दंडकारण्य स्पेशल जोनल कमेटी स्पष्ट करना चाहती है कि बातचीत का प्रस्ताव चाहे उप मुख्यमंत्री द्वारा हो या इसके पहले के मुख्यमंत्रियों द्वारा या फिर देश के गृहमंत्री द्वारा किया गया हो, बेईमानी भरा और जनता को धोखा देने वाला ही रहा।