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रायुपर- अयोध्या में श्रीरामलला की प्राण प्रतिष्ठा 22 जनवरी को होने जा रही है। इस बीच, छत्तीसगढ़ सरकार प्रदेशवासियों को श्री रामलला के दर्शन कराने के लिए अयोध्या ले जाने की घोषणा की है। इसके परिपालन में श्री रामलला दर्शन योजना शुरू की जा रही है। इस योजना को मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की अध्यक्षता में बुधवार को कैबिनेट श्री रामलला दर्शन मंजूरी दे दी है। इस योजना को छत्तीसगढ़ पर्यटन मण्डल और बजट पर्यटन विभाग द्वारा उपलब्ध कराएगा। इस योजना के तहत हर साल लगभग 20 हजार यात्रियों को श्री रामलला दर्शन के लिए यात्रा पर ले जाया जाएगा। वहीं, बैठक में छत्तीसगढ़ के महाधिवक्ता के पद पर श्री प्रफुल्ल भारत की नियुक्ति करने का निर्णय लिया गया।
बैठक के बाद डिप्टी सीएम अरुण साव ने बताया कि कहा कि कैबिनेट में मोदी गारंटी पूरी करने की बात कही है। रामलला दर्शन योजना को मंजूरी दी गई है। हमने प्रदेशवासियों को अयोध्या दर्शन कराने का वादा किया था। 25 जनवरी को अयोध्या के लिए चलेगी पहली स्पेशल ट्रेन, पर्यटन मंडल करेगा आयोजन, पर्यटन विभाग बजट उपलब्ध कराएगा, दर्शनाथियों को जिला मेडिकल बोर्ड से स्वीकृति लेनी होगी, दिव्यांग जनों के लिए परिवार के सदस्यों की अनुमति लेनी होगी, ट्रेनों की उपलब्धता अन्य सुविधाओं को ध्यान में रखकर लोगों को ले जाया जाएगा।
उन्होंने बताया कि 55 वर्ष से अधिक आयु के लोगों को प्रथम चरण में अयोध्या ले जाया जाएगा। यात्रा की दूरी लगभग 900 किमी होगी। इसके लिए IRCTC के साथ छग सरकार का एमओयू किया जाएगा। यात्रियों को स्वास्थ्य सुरक्षा स्थानीय परिवहन की सुविधा दी जाएगी। प्रत्येक जिला में शासकीय अधिकारी एक छोटी टीम के साथ उपलब्ध रहेंगे। दुर्ग, रायपुर, रायगढ़ और अंबिकापुर स्टेशन ट्रेन गंतव्य के लिए रवाना होगी। इसके तहत काशीविश्वनाथ मंदिर, कॉरिडोर, गंगा आरती सहित अन्य तीर्थ यात्राओं के दर्शन कराए जाएंगे। 18 वर्ष से 75 वर्ष की आयु वर्ग के लोगों के लिए ये योजना शुरू की गई है।