*बतौर गीतकार मिलन मलरिहा ने छॉलीवुड फ़िल्म इंडस्ट्री में रखा क़दम रखा और कन्हैया फिल्म क्रिएशन ने दिया मौका*


मनोरंजन 11 January 2024 (60)
post

*बतौर



जहाँ त्याग, समर्पण और धैर्य की भावना है, वहीं सफलता के पुष्प भी खिलते हैं । एक दृढ़संकल्पी कलमकार अपनी उम्दा तहरीर से हर तरह के इंकलाब का ज़रिया बन सकता है । चेतन-अचेतन चीज़ों पर कलम चलाकर उनकी भावनाएँ प्रस्फुटित कर सकता है । जब कलम एहसास के धागे में शब्दों के दिलकश मोती से गीतों की ख़ूबसूरत माला पिरोने लगे तो अपने प्रशंसकों की भीड़ जुटाने में ज़रा भी देर नहीं करता । एक ऐसे ही ज़िंदादिल युवा गीतकार का नाम है “मिलन मलरिहा” । कन्हैया फिल्म क्रिएशन के बैनर तले बनी जिन्होंने मशहूर निर्माता कन्हैया पटनिहा एवं सह निर्माता कुन्दन शर्मा जी है बहुप्रतीक्षित छत्तीसगढ़ी फ़िल्म “तोर मया के चिन्हा” छत्तीसगढ़ी फिल्म  में बतौर गीतकार काम किया है । उनके गीत “झूलय आँखी, आँखी तोर मोती हा माँघ के...” को दर्शकों से भरपूर प्यार मिल रहा है । वास्तव में मलरिहा जी का बचपन एक ग्रामीण परिवेश में धूल-धूसरित हुआ है । गाँव के नैसर्गिक जीवन का एहसास उनके रगों में शामिल है । अलबत्ता, उनकी रचनाओं में भी छत्तीसगढ़ की माटी की ख़ुशबू विद्यमान है, जो संगीत के रथ पर सवार होकर दूर तलक सफ़र तय करने में सक्षम है । बेशक, उनके गीतों में सदियों तक गुनगुनाए जाने की तमाम ख़ूबियाँ मौजूद है । 


ग़ौरतलब है कि छत्तीसगढ़ी भाषा में मलरिहा जी की एक छंदयुक्त कविता संग्रह ‘छत्तीसगढ़ ल बंदव' नामक पुस्तक पूर्व में ही प्रकाशित हो चुकी है । जिसमें एक जगह बड़ी ज़िम्मेदारी से आम जनजीवन से आह्वान करते हुए उन्होंने लिखा था कि — “माटी बर मया ल जगावा रे…., पर्रु  बर  पैरा  ल बचावा रे...., बबा  के चिनहा ल राखा रे...., महतारी भाखा ल बचावा रे..!” 


इनकी विशेषताओं का इलाका बहुत बड़ा है । वे सिर्फ़ एक उम्दा गीतकार ही नहीं, बल्कि लाजवाब चित्रकार भी हैं । इनका काम जितना उल्लेखनीय है, व्यवहार उतना ही सादा, सरल और मनमोहक । 


रोमांटिक एहसास की ज़मीन पर बुनी हुई यह ख़ूबसूरत पारिवारिक फ़िल्म “तोर मया के चिन्हा” कन्हैया फ़िल्म क्रिएशन एवं श्री जानकी स्टूडियो के बैनर तले बनकर बिल्कुल तैयार है । इस फ़िल्म के निर्माता एवं पटकथा लेखक कन्हैया पटनिहा जी हैं । जिन्होंने अभिनेत्री पायल दास के साथ मुख्य अभिनेता का क़िरदार भी ब-ख़ूबी अदा किया है । सह-निर्माता के तौर पर कुंदन शर्मा का नाम जुड़ा है एवं निर्देशित एजाज़ सिद्दीकी जी है  । यह फ़िल्म 2 फरवरी, 2024 को सिनेमा घरों में दस्तक देगी । उम्मीद है अपने शानदार और धमाकेदार प्रदर्शन से छॉलीवुड फ़िल्म के इतिहास में एक कामयाब फ़िल्म बनकर उभरेगी…।। 

तोर मया के चिन्हा छत्तीसगढ़ी फिल्म के सभी कालाकार एवं फिल्म से जुड़े सभी प्रमोटर एवं साथियों को  धन्यवाद जय जोहर जय छत्तीसगढ़



लेखक 

मनव्वर अशरफ़ी 

जशपुर (छ.ग.) ।

You might also like!



RAIPUR WEATHER