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रायपुर/12 दिसम्बर 2023/छत्तीसगढ़ राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष डाॅ. किरणमयी नायक एवं श्रीमती बालो बाघल ने आज छत्तीसगढ़ राज्य महिला आयोग के कार्यालय रायपुर में महिला प्रस्तुति से संबंधित प्रकरणों पर सुनवाई की। आयोग के अध्यक्ष डाॅ. किरणमयी नायक की राजधानी में आज 231वीं व जिला स्तर पर 107वीं सूची हुई। रायपुर जिले में आयोजित जनसुनवाई में कुल 35 एपिसोड की सुनवाई हुई।
आज की सुनवाई के दौरान एक एपिसोड में दोनों स्टार्स को सुना गया अवेदिका में दस्तावेज़ प्रस्तुत किया गया है। अनावेदक ने कोई भी दस्तावेज़ प्रस्तुत नहीं किया। आवेदिका का वर्णन है कि अनावेदक ने आवेदिका का शारीरिक शोषण किया और वीडियो रिकिग कर आवेदिका का लगातार शोषण करता रहा बाद में बहला-फुसलाकर आवेदिका की जमा पूजा 18 लाख 54 हजार हजार रु. आवेदिका के पास प्रमाणिक साक्ष्य है। इसमें वह पेश कर सकता है। अनावेदक पी.एच.ई. के सी.ई.ई. ऑफिस में कार्यपालन अभियन्ता के पद पर नौकरी है। फैजाबाद सेवा में हुआ यह भी अनेवेदक ने वेदिका के शारीरिक शोषण के साथ-साथ आर्थिक शोषण भी किया और अश्लील वीडियो वायरल करना भी खतरनाक बताया। अनावेदक भंडारी सेवक ने भी इस प्रकार का कार्य किया जो कि काफी गंभीर विषय है।
अन्य प्रकरण में आवेदिका ने अपने पति के विरुद्ध मानसिक प्रताड़ना का आवेदन प्रस्तुत किया है। जिसमें वेदिका में बताया गया है कि 15 फरवरी 2023 को अनावेदक क्रम 01 से उनका विवाह हुआ था। शादी के बाद ही पति द्वारा तलाक दिए जाने के कारण उसे अपने पिता और भाई के साथ महँगाई में बुला लिया गया। दोनों नमूने जिसमें अनावेदकगण के सिद्धांतों का वर्णन किया गया है, को स्वीकार किया गया है कि अवेदिका के पिता द्वारा दी गई सूची के अनुसार पूरा समान वापस आएंगे। इसमें एक कौसलर को नियुक्त किया गया है जो अनावेदक के निवास स्थान नागपुर (महाराष्ट्र) से अवेदिका का पूरा समान दिलवाओगे है। उसके बाद अगला प्रसारण एपिसोड सुना जाएगा दोनों पक्ष सुलह नामा को तैयार नहीं है। अनावेदक पक्ष आपकी रजामंदी से तलाक होने पर अवेदिका को 2 लाख प्याज एक मुश्त भरण-पेशा रज्जु से तलाक तलाक होगा।
आवेदिका ने बताया कि अनावेदक ने शादी की थी और उसकी पूर्व पत्नी की बेटी की जिम्मेदारी आवेदिका के पति ने ली थी और उन दोनों की तरफ से एक बेटा है। जो 6 साल का है। अनावेदक ने बच्चों से तलाक नहीं लिया और दूसरी महिला से विवाह नहीं किया, जबकि अनावेदक ने बच्चों से तलाक नहीं लिया। यदि अवेदिका बेकार है तो अनावेदक के विरूद्ध आपराधिक हानि का आकलन किया जा सकता है। आवेदिका के पति की सहमति है कि दोनों बच्चों के भरण-पोषण प्रशिक्षण आयोग के सुझाव हर महीने 4 हजार लोगों को मिलेंगे। दिनाक 20/12/2023 को आयोग में काउसलिंग के समेंत आवेदिका को 4 हजार लोगों का खतरा और हर माह के पहले सप्ताह में तिथि सुनिश्चित कर दिया जाएगा। उसके बाद हर महीने उसी तारीख को भरण-पोषण दिया जाएगा। आयोग ने एपिसोड नास्तिबद्ध किया।
अन्य प्रकरण में दोनों स्टार्स को मध्यकालीन विवाद के रूप में सुना गया है। आवेदिका के पति ने 10 हजार से अधिक लोगों को दूध पिलाने की दवा तैयार की है, उनका एक बेटा 8 साल का है। काउंसलर द्वारा बोथ्स स्टार्स को उसके बाद अगली सुनवाई सुनाई गई।
अन्यप्रकरणों दोनों पक्षों के बीच सुलह-नामा के बाद अनावेदक प्रति माह 7 हजार अावेदिका को वर्तमान में अनावेदक बालिका सेवा में रखा गया है और आपकी बच्ची का पोषण पोषण बेहतर ढंग से किया जा रहा है अनावेदक बच्ची से अावेदिका को महिला आयोग कार्यालय में प्रति माह दो बार मिलवायेगा। दोनों की दोस्ती पर सहमति से बच्ची के वर्तमान में पिता के पास रहने पर सभी संस्थानों में अवेदिका और अनावेदक में सहमति है। इस निर्देश के साथ एपिसोड नास्तिबद्ध किया गया।