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Azaad-bharat -लखनऊ: यूपी में बेहतर कानून-व्यवस्था के दावों को नैशनल क्राइम रेकॉर्ड ब्यूरो (NCRB) के आंकड़ों का भी साथ मिला है। NCRB की ओर से जारी साल 2022 के आंकड़ों के मुताबिक सबसे अधिक जनसंख्या वाला राज्य यूपी में क्राइम रेट कई राज्यों के मुकाबले कम है। भारतीय दंड सहिता (IPC) के तहत पूरे देश में जहां प्रति एक लाख की आबादी पर 258 से अधिक मामले दर्ज हुए हैं, वहीं यूपी में यह औसत प्रति लाख पर 150 है और प्रदेश का स्थान 20वां. महिलाओं के खिलाफ अपराध में यूपी देश में 15वें नंबर पर है, जबकि सजा दिलवाने में पहले पायदान पर है। यूपी पुलिस ने NCRB की ताजा रिपोर्ट के आधार पर यूपी की तुलनात्मक स्थिति का आंकड़ा जारी किया है। NCRB के आंकड़ों के अनुसार दिल्ली, केरल, हरियाणा, तेलंगाना, मध्य प्रदेश, उड़ीसा जैसे राज्यों में यूपी से आपराधिक मामले दर्ज किए गए हैं। पॉक्सो
रिपोर्ट के अनुसार प्रदेश में एक साल में महिला अपराध के 65,000 से अधिक मामले दर्ज हुए। इस मामले में यूपी 14वें स्थान पर है।
देशभर में रेप की 31,516 घटनाएं हुईं, जिनमें 3,690 वारदात यूपी में हुईं। रेप की घटनाओ में यूपी 3.30 क्राइम रेट के साथ देश में 24वें नंबर पर है।
रेप में यूपी से अधिक क्राइम रेट वाले राज्यों में उत्तराखंड, चंडीगढ़, राजस्थान, हरियाणा, दिल्ली, लक्षद्वीप और अरुणाचल प्रदेश हैं। इनका क्राइम रेट 15.4 से 9.8 तक है।
देशभर में जहां प्रति 1 लाख आबादी पर हत्या के 2.1 मामले दर्ज हुए हैं, वहीं यूपी में यह आंकड़ा 1.2 का है।
यूपी हत्या की घटनाओं के मामले में देश में 28वें पायदान पर है जबकि फिरौती की महज 30 घटनाएं हीं हुई हैं और यूपी का देश में स्थान भी 30वां है।
2022 में यूपी में एसिड अटैक की 30 घटनाएं हुई हैं, हालांकि इस मामले में यूपी 32वें नंबर पर है।
पॉक्सो के तहत जहां देश भर में प्रति एक लाख पर 14.3 मामले दर्ज हुए हैं, वहीं यूपी में यह आंकड़ा 9.5 है और प्रदेश का पायदान 25वां है। एक महीने में 252 मामलों की सुनवाई पूरी कर यूपी देश में टॉप पर है। एक से तीन महीने में सुनवाई पूरी करने वाले राज्यों में भी यूपी अव्वल है। 2022 में 231 मामलों की सुनवाई एक से तीन महीने में पूरी हुई। यूपी में 2022 में पॉक्सो के 7991 मामलों की सुनवाई पूरी की गई, जो पूरे देश में सर्वाधिक है। बच्चों के खिलाफ अपराध की घटनाओं में भी यूपी 29वें स्थान पर है