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दरअसल संदिग्ध नक्सलियों ने सत्ताधारी भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के एक नेता की हत्या कर दी है। पुलिस के अधिकारियों ने इस बात की जानकारी दी। बताया जा रहा है कि एक शादी समारोह से लौटते समय उनपर संदिग्ध नक्सलियों ने हमला कर दिया। इसके बाद उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया, लेकिन उनकी मौत हो गई। यह सूचना जैसे ही मुख्यमंत्री के पास पहुंची उन्होंने दुःख जताया और नक्सलियों के प्रति आक्रोशित हो गये।
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि संदिग्ध नक्सलियों ने जनपद पंचायत के सदस्य तिरूपति कटला की धारदार हथियार से हत्या कर दी है। अधिकारियों ने बताया कि यह घटना तोयनार गांव में रात करीब आठ बजे हुई जब कटला एक शादी में शामिल होने गए थे। उन्होंने बताया कि प्रारंभिक जानकारी के अनुसार जब कटला समारोह से बाहर निकले तब नक्सलियों ने उनपर धारदार हथियार से हमला कर दिया, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गए। पुलिस अधिकारियों ने बताया घटना के बाद उन्हें बीजापुर जिला अस्पताल ले जाया गया जहां इलाज के दौरान उन्होंने दम तोड़ दिया। उन्होंने बताया कि मामले की जांच की जा रही है।
पिछले एक साल में राज्य के नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में नक्सलियों द्वारा किसी भाजपा नेता की यह सातवीं हत्या है। पिछले साल नवंबर में विधानसभा चुनाव से पहले, भाजपा की नारायणपुर जिला इकाई के उपाध्यक्ष रतन दुबे की जिले के झाराघाटी थाना क्षेत्र के एक बाजार में धारदार हथियार से हत्या कर दी गई थी। दुबे तब चुनाव प्रचार कर रहे थे। पिछले वर्ष 20 अक्टूबर को मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी जिले के सरखेड़ा गांव में संदिग्ध माओवादियों ने भाजपा कार्यकर्ता बिरजू ताराम की गोली मारकर हत्या कर दी थी। जून में बीजापुर जिले में संदिग्ध नक्सलियों ने एक स्थानीय भाजपा नेता की हत्या कर दी थी। पिछले साल ही फरवरी में बस्तर संभाग में अलग-अलग स्थानों पर इसी तरह की घटनाओं में तीन भाजपा नेताओं की हत्या कर दी गई थी। पिछली कांग्रेस सरकार में विपक्ष में रही भाजपा ने इन हत्याओं को “लक्षित” हत्याएं करार दिया था और इसकी उच्च स्तरीय जांच की मांग की थी। लेकिन इस मामले में तत्कालीन सरकार ने कोई कार्यवाही नहीं की।