महादेव ऐप मामले में 15 से ज्यादा ठिकानों पर ED की छापेमारी, अब तक 1250 करोड़ से अधिक की संपत्ति जब्त।

post


           Azaad-bharat /मुंबई (महाराष्ट्र) : महादेव बुक को लेकर देश के कई ठिकानों पर ED की छापेमारी जारी है महादेव ऑनलाइन बुक बेटिंग एप मामले की जांच के दौरान ED ने कोलकाता, गुरुग्राम, दिल्ली, इंदौर, मुंबई और रायपुर में स्थित 17 ठिकानों पर सर्च ऑपरेशन चलाया है। सूत्रों ने बताया की इस सर्च ऑपरेशन के दौरान 1.86 करोड़ रुपये नगद, 1.78 करोड़ रुपये के मूल्यवान वस्त्र आज बरामद किए गए हैं। इसके साथ ही 580.78 करोड़ रुपये के प्रोसिड्स ऑफ क्राइम को फ्रीज किया गया है। इस सर्च ऑपरेशन में ED को बहुत से इंक्रिमिनेटिंग एविडेंट मिले हैं जिसमे डिजिटल डेटा बड़ी मात्रा में हैं और ED ने कई एसेस्ट्स की भी पहचान की है। इस मामले में लगातार कार्यवाही की जद गुर्गे आ रहे है। इनके पास से बेहिसाब संपत्ति लगातार मिल रही है।


दुबई से किया जा रहा था संचालित :

            छत्तीसगढ़ पुलिस द्वारा दर्ज FIR के आधार पर ईडी ने जांच शुरू की थी। इसके बाद विशाखापत्तनम पुलिस और अन्य राज्यों द्वारा दर्ज FIR को भी रिकॉर्ड पर लिया गया था। ईडी की जांच में पता चला कि ‘महादेव ऑनलाइन बुक’ को दुबई से संचालित किया जा रहा है और यह उनके परिचित साथियों को “पैनल/शाखाएं” की फ्रेंचाईजी देकर चलाते हैं, जिसमें उन्हें 70%-30% लाभ अनुपात पर काम कराया जाता है। जांच में यह भी पता चला कि ‘महादेव ऑनलाइन बुक’ के प्रमोटर अन्य ऑनलाइन बेटिंग बुक जैसे “रेड्डी अन्ना”, “फेयरप्ले” में भी प्रमोटर हैं। यही नहीं आरोपी बड़े पैमाने पर हवाला ऑपरेशन कर रहे हैं ताकि बेटिंग में मिले पैसों को ऑफ-शोर खातों में ले जाया जा सके। कई लोगों के बैंक खाते भी किराये पर लिये हुये थे।


अवैध बेवसाईट से हो रहा था काम :

 जांच के दौरान ED ने ‘महादेव ऑनलाइन बुक’ के प्रमोटरों के साथ शामिल अन्य महत्वपूर्ण प्लेयर को चिन्हित किया है। जांच के दौरान ED को पता चला कि कोलकाता का रहने वाला हरी शंकर तिब्रेवाल, जो वर्तमान में दुबई में रहता है एक बड़ा हवाला ऑपरेटर है और ‘महादेव ऑनलाइन बुक’ के प्रमोटर का पार्टनर है। ED ने उसके और उसके साथियों के ठिकानों पर सर्च किया और सर्च के दौरान पाया कि हरी शंकर तिब्रेवाल एक अवैध बेटिंग वेबसाइट “skyexchange” ऑपरेट करता है। वो अपने दुबई स्थित एंटिटीस के माध्यम से भारतीय स्टॉक मार्केट में बेटिंग से मिले पैसों को फॉरेन पोर्टफोलियो इन्वेस्टमेंट (FPI) रूट से निवेश कर रहा है। जबकि इसका मुख्य छत्तीसगढ़ के भिलाई से सौरभ चंद्राकर है, जाँच में सामने आया था।


करोड़ों की संपत्ति को किया गया फ्रीज :

          जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपी ने अपने साथियों को कई कंपनियों में डायरेक्टर के रूप में अपॉइंट किया है। जिनमें बेटिंग से कमाए पैसों को स्टॉक मार्केट में निवेश करने के लिए लेयर के रूप में इस्तेमाल किया जा रहा है। सूत्रों ने यह भी बताया कि तिब्रेवाल बड़े पैमाने पर हवाला ऑपरेशन में भी शामिल था। इसी वजह से ED ने 580.78 करोड़ रुपये की सिक्योरिटी होल्डिंग जो की तिब्रेवाल की एंटिटीस की थी उसे फ्रीज कर दिया। बता दें कि इससे पहले इस मामले में ईडी ने सर्च के दौरान 572.41 करोड़ रुपये के आवासीय संपत्तियों को जब्त/जमा किया था। दो प्राविष्टिक संलग्नता आदेश जारी किए गए हैं, जिसमें 142.86 करोड़ रुपये की आवासीय और गैर-आवासीय संपत्तियों को संलग्न किया गया है। इस प्रकार, मामले में कुल 1296.05 करोड़ रुपये की संपत्ति ED ने फ्रीज की है। इस मामले में लगातार ED की धरपकड़ जारी है, कई बड़ी हस्तियाँ इसकी जद में आ चुकी है।

You might also like!



RAIPUR WEATHER