छत्तीसगढ़

रूपये का गिरना और अमेरिका में बढ़ती महंगाई भारतीय छात्रों के लिए चिंता का विषय, चिंतित अभिभावकों का छलका दर्द



रेवती वासन ने बताया, रुपये का गिरना कोई नई बात नहीं है। यह तब हुआ जब मेरी बेटी अमेरिका में पढ़ रही थी। हमें उसे डॉलर भेजने के लिए अतिरिक्त रुपये खर्च करने पड़े।

अमेरिका में कई भारतीय छात्र अपने भारतीय माता-पिता पर बोझ कम करने के लिए पार्ट टाइम जॉब कर रहे हैं। उनका जॉब करना एक तरह से मुद्रा की अस्थिरता और मुद्रास्फीति के खिलाफ बचाव है।

दूसरी ओर, भारतीय छात्र जिन्होंने अमेरिका में अपनी शिक्षा पूरी की है और वहां नौकरी कर रहे है, वे अब खुश हैं क्योंकि वे जिस डॉलर को घर वापस भेजते हैं, उससे अधिक रुपये मिलते हैं।

न केवल अभिभावक चिंतित हैं, बल्कि उन बच्चों के माता-पिता भी चिंता में हैं, जिन्होंने अमेरिका में रहने के लिए प्रासंगिक वीजा के लिए आवेदन किया है।

निजी क्षेत्र के कर्मचारी वी. राजगोपालन ने बताया, मेरी बेटी ने अपनी शिक्षा पूरी कर ली है और नौकरी की भी ट्रेनिंग ले ली है। उसने डॉलर में एजुकेशन लोन लिया था, जिसका वह भुगतान समय-समय पर कर रही है। लेकिन, चिंता की बात यह है कि अगर उसे अमेरिका में रहने के लिए आवश्यक वीजा नहीं मिलता है, तो उसे वापस आना होगा और तब लोन का भुगतान करना एक बड़ी समस्या होगी।



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