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आवेदिका से छीने दोनो बच्चों को बाल कल्याण समिति में भेजा गया तथा दूसरी औरत को आयोग से नारी निकेतन भेजा गया : अनावेदक पति ने किया सोशल मीडिया में आपत्तिजनक टिप्पणी, आवेदिका पत्नी पहुची महिला आयोग


रायपुर / राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष डॉ. किरणमयी नायक एवं सदस्यगण डॉ अनीता रावटे एवं श्रीमती अर्चना उपाध्याय ने आज शास्त्री चौक स्थित राज्य महिला आयोग कार्यालय में महिलाओं से संबंधित शिकायतों के निराकरण के लिए सुनवाई की। इस माह रायपुर जिले की सुनवाई में 90 प्रकरण रखे गए थे जिसमें 14 प्रकरणों को नस्तीबद्ध किये गए हैं शेष प्रकरण आगामी सुनवाई में रखे गए हैं।

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आज एक प्रकरण में अनावेदक पति ने अवैध रूप से दूसरी औरत से शादी कर लिया और उनके दो बच्चे भी है। आवेदिका ने आयोग को विस्तार से अपनी पीड़ा बताई है। अनावेदक द्वारा आवेदिका को पूरे गांव में बदनाम करने के लिए षडयंत्र पूर्वक दोनो के सामने बेटे के उम्र का एक बच्चे जो 14 वर्ष का है उनको और आवेदिका को बच्चों के साथ एक रूम में बंद कर दिया था। उसके बाद आवेदिका के भाई और गांव वालों के सामने बदनाम किया है।इसके आड़ में अपनी ही बुआ की बेटी जो रिश्ते में उसकी बहन है उसके साथ शादी कर लिया। आवेदिका के दोनो बच्चों को अपने पास रखा है और आवेदिका से मिलने भी नही देता है। आज आयोग के समक्ष सुनवाई में अनावेदक का डर और दहशत दोनो बच्चों में दिखाई दे रहा है। आयोग द्वारा दोनो बच्चों से पूछे जाने पर दोनो बच्चे डरे हुए हैं।अपने पिता और दूसरी महिला दोनो की ओर देखने पर अपने माँ से मिलने में डर रहे थे। इससे प्रतीत होता है कि दूसरी शादी करने से पूर्व अनावेदक ने दूसरी शादी करने के पहले अपने पत्नी को चरित्रहीन साबित किया। दोनो बच्चों को डरा चमकाकर दहशत में रखा गया है। अनावेदक एनटीपीसी में वाहन चालक का कार्य करता है। आवेदिका ने बताया कि उसका बेटा अंग्रेजी मीडियम में कक्षा पांचवी तक पढ़ाई की है और आवेदिका को घर से भगाने के बाद दूसरी शादी करने के बाद लड़के को सरकारी स्कूल में डाल दिया है। इस स्तर से अनावेदक दोनो बच्चों का भविष्य खराब कर रहा है। बच्चों को सगी मां से दूर कर अत्याचार कर रहा है।जिसकी जांच बाल कल्याण समिति के अधिकारी द्वारा कराया गया और बच्चों को बाल कल्याण समिति को सुपुर्द किया गया। अनावेदक ने यह स्वीकार किया है आवेदिका उसकी पहली पत्नी है उससे तलाक लिए बिना दूसरी महिला से सिंदूर डालकर शादी किया था। उस शादी को किसी ने नही देखा है। जो अवैध विवाह है एक दूसरी औरत के कारण आवेदिका अपने दोनो बच्चों से दूर है। इस स्तर पर अनावेदिका दूसरी औरत को नारी निकेतन में भेजा गया है।आगामी सुनवाई में इस प्रकरण को रखा गया है।
एक अन्य प्रकरण में आवेदिका ने बताया कि अनावेदक पक्ष से बिक्री बैनामा से 8 लाख रुपये के जमीन का रजिस्ट्री कराया है। और मकान बनाकर उसमें काबिज है,लेकिन कोई दूसरी महिला कहती है कि जमीन उसकी है। इसे लेकर आवेदिका डरी हुई है और चाहती है कि अनावेदक अपना जमीन वापस लेकर पैसा वापस करे। इस प्रकरण में कल सीमांकन रिपोर्ट आवेदिका को मिला है। इस स्तर पर अनावेदक को आयोग ने निर्देश दिया कि अपना पक्ष मजबूती से रखे। अन्यथा यह माना जायेगा कि अनावेदक ने फर्जी रजिस्ट्री किया है। आगामी सुनवाई में इस प्रकरण को रखा गया है।इसी तरह एक प्रकरण में आवेदिका ने बताया कि उसके दो बच्चे है जिसमे एक इंजीनियरिंग की पढ़ाई कर रहा है तथा दूसरा 11वी की कक्षा में है। आवेदिका बच्चों सहित विगत तीन वर्षों से अनावेदक से अलग रह रही है।अनावेदक का इलाज भी आवेदिका ने कराया था। लगातार अनावेदक आवेदिका के सोशल मीडिया में अश्लील टिप्पणी करता है। अनावेदक ने इस बात को स्वीकार किया है और भविष्य में किसी प्रकार का दुर्व्यवहार नही करना स्वीकार किया है। आवेदिका को साथ रखना चाहता है,किंतु आवेदिका अनावेदक से तलाक चाहती है इस स्तर पर दोनो पक्षो को आयोग ने समझाइश दिया कि आपसी सहमति से न्यायालय में तलाक ले सकते है। इस प्रकरण को नस्तीबद्ध किया गया। एक अन्य प्रकरण में आवेदिका ने जमीन से संबंधित झूठी शिकायत तहसीलदार के विरुद्ध किया था जिसमे किसी भी प्रकार के साक्ष्य आयोग में प्रस्तुत नही कर पाई जिसके कारण इस प्रकरण को नस्तीबद्ध किया गया।