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भोपाल। मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल के ऐशबाग स्थित सुदामा नगर में रिटायर्ड दंपती हेमंत फिलेमोन (70) और उनकी पत्नी शकुंतला फिलेमोन (70) की हत्या के मामले में पुलिस की जांच तेज हो गई है। जांच में पहली बार दो संदिग्ध हमलावर सीसीटीवी फुटेज में स्पष्ट दिखाई दिए हैं। पुलिस के अनुसार दोनों आरोपी पूरी तैयारी और सुनियोजित रणनीति के साथ आए थे तथा महज 9 मिनट में वारदात को अंजाम देकर फरार हो गए।
पुलिस के अनुसार 22 जून की रात आरोपी पहले सुभाष नगर पुल के पास कैमरे में दिखाई दिए। इसके बाद मुख्य सड़क की बजाय गलियों का रास्ता अपनाते हुए करीब ढाई किलोमीटर पैदल चलकर रात लगभग 9 बजे दंपती के घर पहुंचे। वारदात के बाद दोनों अलग-अलग रास्तों से निकले, ताकि उनकी गतिविधियों को जोड़ना मुश्किल हो सके।
जांच में सामने आया है कि आरोपी अपने साथ मोबाइल फोन नहीं लाए थे, जिससे उनकी लोकेशन ट्रेस न हो सके। उन्होंने ग्लव्स पहन रखे थे ताकि फिंगरप्रिंट न मिलें। घर में घुसते ही उन्होंने सीधे दंपती को निशाना बनाया। हेमंत फिलेमोन के सिर में गोली मारी गई, जबकि शकुंतला फिलेमोन को कनपटी और सीने में गोली मारी गई। घटना के बाद दोनों तेजी से फरार हो गए।
पुलिस फिलहाल तीन प्रमुख पहलुओं पर जांच कर रही है—
एसआईटी को जांच में पता चला है कि आरोपियों ने दंपती के मोबाइल फोन कजलीखेड़ा क्षेत्र में फेंके और वहां से बिलकिसगंज की ओर गए। पुलिस ने इस रूट के सीसीटीवी फुटेज खंगालने शुरू कर दिए हैं और आरोपियों के संभावित ठिकानों की तलाश जारी है।
पुलिस के अनुसार वारदात का तरीका पेशेवर अपराधियों जैसा है। आरोपी बिना मोबाइल, बिना वाहन और बेहद कम सुराग छोड़कर फरार हुए। दंपती के बैग में रखे 17,400 रुपये भी नहीं ले जाए गए, जिससे लूट की आशंका कमजोर पड़ती है। इसी कारण पुलिस इस मामले की जांच सुपारी किलिंग के एंगल से भी कर रही है।
गौरतलब है कि 24 जून को ऐशबाग स्थित मकान से दंपती के शव बरामद हुए थे। जांच में खुलासा हुआ कि उनकी हत्या 22 जून की रात गोली मारकर की गई थी। घटनास्थल से चार खोखे बरामद हुए थे। पुलिस का कहना है कि मामले में कई महत्वपूर्ण सुराग मिले हैं और जल्द ही इस दोहरे हत्याकांड का खुलासा किया जा सकता है।