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हाथरस: हाथरस में कोतवाली हाथरस गेट क्षेत्र के गांव तिपरस के पास गोली मार कर लूट की घटना जांच पड़ताल में झूठी निकली है। अंटी में लगा तमंचा खुद चलने से युवक घायल हुआ था। उसने पुलिस ने बचने के लिए लूट का नाटक किया था। एसपी ने अपने दफ्तर में घटना का खुलासा किया। कोतवाली चंदपा क्षेत्र के गांव नगला खिरनी निवासी चाहत पुत्र जमीन खां के साथ हुई गोली मार कर लूट की घटना की जांच पड़ताल पुलिस द्वारा की गई तो मामला उल्टा ही निकला। इस मामले का खुलासा एसपी निपुण अग्रवाल ने अपने दफ्तर में किया। एसपी ने बताया कि चाहत मथुरा में साडी कम्पनी में कार्य करता है।
31 जनवरी 2024 को वह अपने एक दोस्त के साथ बाइक पर बैठ रहा था। इसी दौरान उसकी अंटी में लगा तमंचा चल गया। जिससे वह घायल हो गया। स्वॉट व सर्विलांस टीम को भी इसमें लगाया गया। धरातलीय सूचना, सर्विलांस सेल की टेक्निकल इंटेलिजेंस, सीसीटीवी कैमरे आदि से जानकारी की गई तो चाहत उर्फ बाबल्ला का मथुरा आना-जाना नहीं पाया गया। पुलिस टीम द्वारा आने जाने वाले रास्ते में लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज देखे गये तो वह सात-आठ लड़कों के साथ हाथरस में घूमता पाया गया। सीसीटीवी फुटेज से युवक के एक दोस्त की पहचान की गई।
चाहत उर्फ बाबल्ला के दोस्त से पूछताछ की गई तो उसने बताया कि 30 जनवरी 2024 की शाम को हम 7-8 दोस्तों के साथ हाथरस में चामण गेट तक चिडवा (भेलपुरी) खाने के लिए आये थे, उसके बाद घर वापस जा रहे थे, दोस्त की बाइक पर चाहत उर्फ बाबल्ला पीछे बैठा था, रास्ते में टिपरस के पास चाहत उर्फ बाबल्ला अपना तमन्चा निकाल कर लोड कर रहा था तो अचानक गोली चल गई और उसी के पैर में लग गई। इसके बाद घायल चाहत को उपचार लिए उसके दोस्त जिला अस्पताल लेकर आए, लेकिन उस वक्त ओपीडी बंद होने के कारण उसे वापस उसकी बहन के घर नगला खिरनी लेकर गए। जहां पर उसके बहन बहनोई ने घर में आने से मना कर दिया, जिसके बाद उसे गांव में ही डाक्टर की दुकान पर लेकर गये, डाक्टर की दुकान पर भीड होने के कारण वापस उसके बहन के घर छोड दिया। जिसके बाद चाहत खुद ही ई-रिक्शा में बैठकर जिला अस्पताल पहुंच गया। जहां पर उसे अलीगढ़ रेफर कर दिया गया।
एसपी निपुण अग्रवाल ने बताया कि गोली मार कर युवक से लूट की घटना जांच में फर्जी पाई गई है। घायल युवक ने भी खुद इस बात को स्वीकार किया है। विवाद के चलते बहनोई को मारने के लिए युवक तमंचा अपने साथ रखता था।