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एटा। उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार स्वास्थ्य सेवाओं को दुरुस्त करने के लाख दावे करती रही है। कई बार खुद सीएम योगी और उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने भी अधिकारियों को कई निर्देश दिए। बावजूद स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों-कर्मचारियों के कान पर जूं तक नहीं रेंगी। प्रदेश के एटा में एक ऐसा ही मामला सामने आया है, जहां समय से एंबुलेंस न मिलने के कारण मरीज की जान चली गई। शर्मनाक बात ये रही कि, परिजन ने मरीज को हाथ ठेला पर लादकर अस्पताल पहुंचाया। लेकिन, तब तक बहुत देर हो चुकी थी। समय पर इलाज के अभाव में मरीज ने दम तोड़ दिया। यूपी के एटा जिले में सोमवार को सरकारी एंबुलेंस के इंतजार में एक वृद्ध की मौत हो गई। हालांकि, परिजन एंबुलेंस न मिलने पर मरीज को ठेले पर लादकर अवंती बाई मेडिकल कॉलेज पहुंचाया। इलाज के लिए आपातकालीन वार्ड तक ले गए। मगर, डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
उक्त घटना ने सरकारी एंबुलेंस समय से पहुंचने के सरकारी दावे की पोल खोलकर रख दी। इस मामले में परिजन बताते हैं, उन्होंने 1 घंटे तक एम्बुलेंस का इंतजार किया। मगर, ये लापरवाही हार्ट अटैक पीड़ित को भारी पड़ी। वृद्ध ने तड़प-तड़पकर दम तोड़ दिया। परिजनों ने बताया उन्होंने तीन बार एंबुलेंस भेजने के लिए फोन किया था। आख़िरकार जब एंबुलेस उपलब्ध नहीं हुआ तो बीमार पिता को बेटे ने हथठेले पर लादकर अस्पताल पहुंचाया। इसका एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है।