पैसा बनाओ

आप बनना चाहेंगे 25 साल में करोड़पति? हैरान होने की जरूरत नहीं, इस सरकारी स्कीम से यह मुमकिन है!



हाइलाइट्स

पीपीएफ अकाउंट में सालाना डेढ़ लाख रुपये से 25 साल में बड़ा फंड अर्जित किया जा सकता है.
पब्लिक प्रोविडेंट फंड हाई इंटरेस्ट देने वाली सरकार समर्थित योजनाओं में से एक है.
पीपीएफ स्कीम में निवेश पर मिलने वाला रिटर्न पूरी तरह से टैक्स फ्री होता है.

नई दिल्ली. क्या किसी पारंपरिक बचत योजना में निवेश करके करोड़पति बना जा सकता है. कुछ देर के लिए आप सोचेंगे कि क्या वाकई में ऐसा संभव है. अगर आप उन लोगों में से हैं जिन्हें लगता है कि ऐसा मुमकिन नहीं है उन्हें एक बार पीपीएफ यानी पब्लिक प्रोविडेंट फंड के बारे में अच्छे से जान लेना चाहिए. क्योंकि पब्लिक प्रोविडेंट फंड (PPF) लंबी अवधि में बड़ी बचत देने के लिए एक बेहतर निवेश योजना है. पीपीएफ का इस्तेमाल निवेशक लंबी अवधि में ज्यादा ब्याज अर्जित करने के लिए करते हैं. यह हाई इंटरेस्ट देने वाली सरकार समर्थित योजनाओं में से एक है.

इस खाते में ब्याज हर वित्तीय वर्ष के अंत में खाते में जमा किया जाता है. फिलहाल पीपीएफ पर 7.10 फीसदी की दर से ब्याज मिल रहा है. पीपीएफ पर इंटरेस्ट हर तिमाही में संशोधित होता है. पब्लिक प्रोविडेंट फंड में एक वित्त वर्ष में न्‍यूनतम 500 रुपये और अधिकतम 1.5 लाख रुपये तक जमा किए जा सकते हैं.

25 साल में बनें करोड़पति!
मान लीजिये आप पीपीएफ में 25 वर्ष तक सालाना 1,50,000 रुपये का निवेश करते हैं और ब्याज दर 7.1 फीसदी है तो इस पूरी अवधि में आप 37,50,000 रुपये जमा करते हैं और अपनी जमा पूंजी पर 65,58,015 रुपये ब्याज अर्जित करते हैं. अब अगर मूलधन और ब्याज की रकम को जोड़ा जाए तो यह
1,03,08,015 रुपये होती है यानी आप इस योजना के माध्यम से हर महीने 12500 रुपये जमा करके 25 साल में करोड़पति बन सकते हैं. याद रखें इस रिटर्न में बदलाव हो सकता है क्योंकि इसकी गणना मौजूदा इंटरेस्ट से की गई है.

पीपीएफ पर मिलता है टैक्स फ्री रिटर्न
पीपीएफ खाताधारक टैक्स फ्री ब्याज कमा सकते हैं. जब आप 15वें वर्ष या बाद में पैसा निकालते हैं तो आपको टैक्स फ्री रिटर्न मिलता है. वेतनभोगी कर्मचारी आयकर अधिनियम, 1961 की धारा 80सी के तहत टैक्स छूट के लिए क्लेम कर सकते हैं.

PFF खाते डाकघर या बैंक में खोले जा सकते हैं. पीपीएफ खाते में, खाताधारक को खाता खोलने के वर्ष को छोड़कर, योजना के 5 वर्षों के बाद एक वित्तीय वर्ष में 1 बार निकासी करने की अनुमति है और इसकी लॉक-इन अवधि 15 साल होती है.

आंशिक निकासी की सुविधा
इसमें खाताधारक मैच्योरिटी से पहले पैसों की आंशिक निकासी कर सकता है. 7वें साल से आंशिक निकासी की अनुमति मिलती है और 15 साल बाद ही पूरी रकम निकाली जा सकती है. पीपीएफ की परिपक्वता अवधि 15 वर्ष है, लेकिन निवेशक इच्छा के अनुसार 5 वर्ष तक के लिए इसे दो बार बढ़ा सकता है.

Tags: Investment and return, Money Making Tips, Post Office, PPF, PPF account, Sukanya samriddhi scheme



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