पैसा बनाओ

क्या है कंपाउंडिंग, आपके निवेशक को कई गुना बढ़ाने की है ताकत, जानिए कैसे



हाइलाइट्स

कंपाउंडिंग में आपके मूलधन और ब्याज पर ब्याज मिलता है.
इस तरह ये साल-दर-साल कई गुना बढ़ता चला जाता है.
कंपाउंडिंग लंबी अवधि के निवेश में बहुत फायदेमंद होती है.

नई दिल्ली. यह बात सभी जानते हैं कि पैसा कमाने में कितनी मेहनत लगती है. लेकिन पैसा बढ़ाना भी उतना ही मुश्किल काम होता है जिस पर भारत में आम लोगों के बीच बहुत कम ही चर्चा होती है. पारंपरिक रूप से यहां लोग बचत पर ज्यादा ध्यान देते हैं. बचत में आपका पैसा सुरक्षित रहता है लेकिन या तो वह बिलकुल ही नहीं बढ़ता या बहुत कम गति से ग्रो करता है. पैसे से पैसा बढ़ाने के लिए जरूरी होता है निवेश.

निवेश का ही एक बहुत महत्वपूर्ण हिस्सा है कंपाउंडिंग. आज हम आपको बताएंगे कि आखिर कंपाउंडिंग चीज क्या है जिसे निवेशकों के बीच इतना पसंद किया जाता है. ये ऐसी कौन सी जादू की छड़ी होती है जो निवेशकों के पैसों को कई गुना बढ़ाने में मदद करती है. यह कारनामा आखिरी कंपाउंडिंग के जरिए होता कैसे हैं.

ये भी पढ़ें- ऐपल प्रोडक्ट्स की प्रोडक्शन में चीन को पछाड़ने की कोशिश, टाटा खरीद सकती है विस्ट्रॉन का मैन्युफैक्चरिंग प्लांट

क्या है कम्पाउंडिंग?
कंपाउंड इंटरस्ट यानी चक्रवृद्धि ब्याज तो आपने सुना ही होगा. स्कूल में इसके बारे में संभवत: पढ़ा भी होगा. अगर नहीं भी पढ़ा है तो आज जान लीजिए. आपके पैसे पर मिलने वाले ब्याज पर मिलने वाले ब्याज को चक्रवृद्धि ब्याज कहा जाता है. जी हां, पिछली लाइन लिखने में कोई गलती नहीं की गई है. ब्याज पर मिलने वाला ब्याज चक्रवृद्धि ब्याज है और यही आपका पैसा कई गुना बढ़ाने में मदद करता है. इसे ही आम बोलचाल में कंपाउंडिंग कहा जाता है.

स्टॉक मार्केट में भी काम करती है कंपाउंडिंग
आपको बता दें कि स्टॉक मार्केट में भी कंपाउंडिंग का कॉन्सेप्ट काम करता है. कई कंपनियां निवेशकों को डीआरआईपी का विकल्प चुनने का मौका देती हैं. डिविडेंड रिइन्वेस्टमेंट प्लान एक निवेशक को डिविडेंड से मिली रकम को दोबारा शेयर में लगाने का मौका देता है. इससे शेयरधारक के पास बगैर कोई पैसा लगाए शेयरों की संख्या बढ़ती है और भविष्य में उससे मिलने वाला रिटर्न भी बढ़ता जाता है.

कैसे बढ़ता है कंपाउंडिंग से पैसा
मान लीजिए कि आपने किसी एसआईपी में 10 साल तक हर महीने 10 हजार रुपये का निवेश किया. इस पर आपको सालाना 10 फीसदी का ब्याज मिल रहा है. आपने पहले साल में कुल 1.20 लाख रुपये जमा किए. इस पर आपको 10 फीसदी यानी 12,000 रुपये ब्याज मिला. अब अगले साल आपने फिर 1.20 लाख रुपये जमा किए. लेकिन ब्याज आपको 2.40 लाख रुपये पर नहीं बल्कि 2.52 लाख रुपये पर मिलेगा. इसी तरह साल-दर-साल आपकी रकम बढ़ती चली जाएगी. गौरतलब है कि यह लंबी अवधि के निवेश में जबरदस्त रिटर्न हासिल करने में मदद करता है. रिटर्न में एक फीसदी की भी बढ़ोतरी आपके कंपाउंडिंग इंटरस्ट में बहुत उछाल ला सकती है.

Tags: Business news, Interest Rates, Investment



Source link