राष्ट्रीय

ध्रुवीकरण और महंगाई-बेरोजगारी से संघर्ष के समय आजाद का पार्टी छोड़ना दुर्भाग्यपूर्ण- कांग्रेस



अजय माकन ने कहा कि, “हम ये उम्मीद करते थे कि गुलाम नबी आजाद साहब जैसे वरिष्ठ नेता कांग्रेस के कार्यकर्ताओं के साथ मिलकर विपक्ष की आवाज और जनता की आवाज को अपना बल देते, दुख की बात ये है कि वो इस आवाज के अंदर अपना हिस्सा नहीं बनना चाह रहे, ये बड़े दुख की बात है।“

जयराम रमेश ने कहा कि, “हमने आजाद साहब का पत्र पढ़ा है, यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है कि ऐसे समय में जब पूरी कांग्रेस पार्टी देशभर में एक साथ मिलकर बीजेपी की ध्रुवीकरण की नीतियों, महंगाई, बेरोजगारी जैसे मुद्दों से लड़ने की तैयारी कर रही है, पूरी कांग्रेस पार्टी महंगाई पर हल्लाबोल पैली की तैयारी कर रही है, देश भर में प्रेस कांफ्रेंस की तैयारी कर रही है उस समय गुलाम नबी आजाद का इस्तीफा दुखद है।”

इस बीच कांग्रेस के पूर्व सांसद और वरिष्ठ नेता संदीप दीक्षित ने गुलाम नबी आजाद के नाम एक पत्र जारी किया है। उन्होंने लिखा है कि “हमने आप के साथ मिलकर पार्टी के लिए जो मुद्दे उठाए थे उसमें हमने सुधार की बात की थी न कि बगावत की। कांग्रेस की मजबूती की बात की थी, न कि पार्टी से अलग होने की।” उन्होंने लिखा है कि, “हमारे महान देश में हमारे स्वतंत्रता सेनानियों ने जो संघर्ष किया है, वही कांग्रेस को मजबूती देने के लिए किया जाना था, और इसके लिए पार्टी में रहना जरूरी था। लेकिन पार्टी से बाहर जाने का अर्थ है कि उन नीतियों, उस सिस्टम को मजबूत करना है जिसके लिए हमने कदम उठाए थे।”



Source link