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इमरान खान के दोबारा पीएम बनने पर भी नहीं पड़ेगा कोई फर्क, पाकिस्तान में प्रधानमंत्री नहीं, सेना करती है प्रमुख फैसले!



लंदन ने कहा कि अमेरिका के अफगानिस्तान से हटने के बाद से दोनों देशों के बीच तनाव कम हो गया था। हक्कानी ने उल्लेख किया कि अमेरिका-पाकिस्तान संबंध एक आर्थिक आवश्यकता के रूप में शुरू हुआ, लेकिन इसके नेताओं ने आर्थिक पहलू पर बहुत कम ध्यान दिया।

कर्टिस ने कहा कि पाकिस्तान के लिए अमेरिका की मुख्य चिंता परमाणु सुरक्षा और एक विफल राज्य की संभावना है। अहमद ने कहा कि इमरान खान के आरोपों के कारण अमेरिका पाकिस्तान की मौजूदा राजनीतिक हालात में एक पार्टी बन गया था।

हक्कानी ने कहा कि सेना पर्दे के पीछे से अभी भी राजनीतिक घटनाक्रमों को प्रभावित करने की कोशिश कर रही है। कर्टिस ने टिप्पणी की कि खान को हटाए जाने के बाद सेना को बड़े पैमाने पर समर्थन की उम्मीद नहीं थी और अब वर्तमान राजनीतिक स्थिति अगले सेना प्रमुख के लिए एक बड़ी चुनौती होगी।

आईएएनएस के इनपुट के साथ



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