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प्रकृति के नजदीक रहने के हैं अद्भुत फायदे, फिर भी शहरों से गायब हो रही हरियाली



अनेक बार हमारे अनुभव का कोई महत्व नहीं होता, जबतक हम उसका प्रमाण न प्रस्तुत करें। हम सबका अनुभव बताता है कि हरियाली के बीच जाकर हम तनावमुक्त हो जाते हैं, पर अब अनेक वैज्ञानिक अध्ययन भी उपलबद्ध हैं जिनसे इन अनुभवों की पुष्टि की जा सकती है। जर्नल साइकोसोमेटिक मेडिसिन के एक अंक में प्रकाशित अध्ययन के अनुसार हरा-भरा परिवेश, साफ़ हवा और साफ़ सुथरे स्कूल के माहोल में बच्चों को तनाव कम रहता है। यह अध्ययन यूनिवर्सिटी ऑफ़ कैलिफ़ोर्निया के डेनिएल रुबिनोव ने किया है। तनाव का आकलन कोर्टिसोल की मात्रा से जांचा गया। कोर्टिसोल एक हारमोन होता है, जो तनाव के समय अधिक उत्सर्जित होता है। यदि शरीर में इसकी मात्रा कम है तब इसका मतलब है आदमी तनाव में नहीं है। इस अध्ययन के समय हरे भरे माहौल वाले 32 बच्चों में कोर्टिसोल की मात्रा 45 परसेंटाइल थी, जबकि बिना हरियाली वाले माहौल के 133 बच्चों में इसकी मात्रा 75 परसेंटाइल तक पहुँच गयी थी। कोर्टिसोल की कम मात्रा कम तनाव का सूचक है।

यूनिवर्सिटी ऑफ़ एक्सटर के डॉ डेनिएल कॉक्स ने 270 लोगों के अध्ययन के बाद बताया कि हरा भरा माहौल अवसाद, तनाव, चिंता से मुक्त करता है और मानसिक स्वास्थ्य को मजबूत करता है। इन 270 लोगों में हरेक आयु वर्ग के लोग सम्मिलित थे। यह अध्ययन जर्नल बायोसाइंस के 18 अगस्त के अंक में प्रकाशित हुआ है।

तनाव और अवसाद को हम बीमारी जैसा नहीं मानते, पर ये अनेक गंभीर रोगों के कारक हैं। तनाव से कोर्टिसोल नामक हार्मोन अधिक उत्पन्न होता है, और इससे उच्च रक्तचाप, अधिक ब्लड सुगर, पीठ का दर्द, हड्डियों का कमजोर होना, मोटापा, नींद न आना, व्यर्थ की चिंता और कमजोरी और थकान होता है। ये सभी गंभीर बीमारियाँ हैं और शहरों की एक बड़ी आबादी इनकी चपेट में है।



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