छत्तीसगढ़

ठाकरे जन्मदिन: शिवसेना के दोनों धड़ों की विरासत पर दावेदारी, विचारधारा का संघर्ष देख मुस्कुरा रहे होंगे बालासाहेब



लेकिन आज बालासाहेब ऊपर से ही मुस्कुरा रहे होंगे। न सिर्फ शिवसेना के दो धड़े उनकी विरासत के लिए संघर्षरत हैं बल्कि उनकी पत्नी की ही तरह उनके नाम पर भी काफी कुछ हो रहा है। उद्धव गुट ने एक अस्पताल को उनके नाम पर किया है तो शिंदे सरकार ने नागपुर-मुंबई फ्लैगशिप स्मृद्धि एक्सप्रेसवे को उनके नाम पर कर उसका नाम हिंदू ह्रदय सम्राट बालासाहेब ठाकरे एक्सप्रेसवे किया है।

बीजेपी से अलग होने से पहले और शिवसेना में दोफाड़ से पहले तक हिंदु ह्रदय सम्राट की पदवी नरेंद्र मोदी को दी जाती थी। शिंदे गुट ने बालासाहेब की जन्मतिथि पर विधानसभा परिसर में उनके पोर्ट्रेट का अनावरण किया, लेकिन उद्धव ठाकरे इस कार्यक्रम में शामिल नहीं हुए।

1995 के दौरान महाराष्ट्र में शिवसेना-बीजेपी सरकार ने मंत्रालय में मंत्रियों के कमरों में लगे महात्मा गांधी, नेहरू और आम्बेडकर के फोट हटवा दिए थे और उनकी जगह बालासाहेब ठाकरे और संघ नेता दीनदयाल उपाध्याय के फोटो लगा दिए गए थे। यह बात अलग है कि उस समय बीजेरी के युवा नेता तक दीनदयाल उपाध्याय को नहीं पहचानते थे।



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