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राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष डॉ. किरणमयी नायक ने  महिलाओं से संबंधित शिकायतों के निराकरण के लिए सुनवाई की : आवेदिका से नौकरी लगाने के नाम पर अनावेदकगण ने लिए थे 5 लाख 50 हजार रुपये, सुनवाई के दौरान 1 लाख 50 हजार रुपये किये वापस


रायपुर 9 नवम्बर 2022/ राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष डॉ. किरणमयी नायक ने आज शास्त्री चौक स्थित राज्य महिला आयोग कार्यालय में महिलाओं से संबंधित शिकायतों के निराकरण के लिए सुनवाई की। आज 27 प्रकरण रखे गए थे।
आज कोंडागांव जिले से प्राप्त सामाजिक बहिष्कार के एक प्रकरण में अनावेदकगणों ने आयोग के समक्ष कहा कि आवेदिकागण सहित और अन्य आवेदिकागण है। इन सभी को एक साथ कोंडागांव जिले में बुलाकर समाज मे सम्मिलित करने की कार्यवाही का प्रस्ताव रखा गया। आयोग की ओर से अनावेदकगणों को समझाइश दिया गया कि कोंडागांव जिले के मसोरा गांव में अनावेदकगण प्रदेश, सम्भाग, जिला और ग्राम स्तर इकाई के जिम्मेदार पदाधिकारियों और आयोग की ओर से इस प्रकरण की निराकरण हेतु आयोग की नवनियुक्त सदस्य श्रीमती बालो बघेल सहित आयोग की काउंसलर एवं जिला संरक्षण अधिकारी नवा बिहान महिला बाल विकास विभाग कोंडागांव की उपस्थिति में आवेदिकागणों को समाजिक बहिष्कार को समाप्त करने की घोषणा करने के निर्देश दिए गए हैं। जिसपर अनावेदकगणों ने 27 नवम्बर 2022 को ग्राम मसोरा में बैठक आहूत कर समाजिक बहिष्कार झेल रही आवेदिकागणों को समाज मे सम्मिलित करने की घोषणा करने की सहमति दिए हैं।
आवेदिका ने अनावेदक के विरुद्ध दैहिक शोषण का शिकायत प्रस्तुत की थी। आयोग में आवेदन आने के बाद इस प्रकरण में अनावेदक के विरुद्ध पुलिस थाना महासमुंद में 376 (2) के तहत एफआईआर दर्ज हो गया है।चालान भी पेश हो चुका है जिसका दस्तावेज अनावेदक ने प्रस्तुत किया।यह प्रकरण न्यायालय में विचाराधीन है। इस प्रकरण को नस्तीबद्ध किया गया।
एक अन्य प्रकरण में आवेदिका ने अनावेदकगण के विरुद्ध धोखाधड़ी की शिकायत की है।जिसपर अनावेदकगण अनुपस्थित है। एक अनावेदक आरक्षक और बाकी दो भाई है।इनके द्वारा आवेदिका को धमकी दिया जाता है।इसके साथ ही अन्य अनावेदक के बैंक खाते में पैसा डालने के लिए अनावेदक आरक्षक और दोनो भाई बात किये थे।आवेदिका के बेटे को पार्टनरशिप का धोखा देकर 1 लाख 75 हजार रुपये हड़प लिए है। यह प्रकरण गम्भीर होने के कारण अनावेदकगणों की उपस्थिति हेतु आयोग द्वारा आईजी सरगुजा को थाना प्रभारी के माध्यम से उपस्थिति कराने पत्र प्रेषित किया जाएगा। जिससे इस प्रकरण का निराकरण किया जा सकेगा।
एक अन्य प्रकरण में लगातार अनावेदकगण अनुपस्थित है।थाना प्रभारी के माध्यम से अनावेदक की उपस्थिति हेतु आयोग की ओर से पत्र प्रेषित किया गया है। फिर भी अनावेदक आयोग की सुनवाई में लगातार अनुपस्थित है। आयोग के पत्र पर अनावेदक को जानबूझकर उपस्थित नही कराने के लिए आयोग की ओर से थाना प्रभारी को कारण बताओ नोटिस जारी किया जाएगा।
एक अन्य प्रकरण में आवेदिका ने अनावेदकगण के विरुद्ध नौकरी लगाने के नाम पर 5 लाख 50 हजार रुपये लेने और नौकरी नही लगाने की शिकायत आयोग में कई थी। आज आयोग के समक्ष दोनो पक्षो को विस्तार से सुना गया जिसमें अनावेदकगण तत्काल आयोग के समक्ष आवेदिका के 1 लाख 50 हजार रुपये वापस किये हैं। शेष राशि आगामी सुनवाई में अनावेदकगण वापस करेंगे।