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ग्रामीणों को मौसम अनुसार खान-पान, आहार-विहार, दिनचर्या और प्राकृतिक चिकित्सा की महत्ता के बारे में भी जागरूक किया जा रहा है। लगातार शिविर एवं जनजागरूकता गतिविधियों के कारण ग्रामीणों में आयुर्वेद चिकित्सा पद्धति के प्रति रुचि और समझ बढ़ रही है। आयुर्वेद चिकित्सा अधिकारी डॉ अजय नायक ने बताया कि बुनगा में प्रति माह जीवन शैली में बदलाव हेतु सत्र, औषधीय पौधों की जानकारी, मितानिन प्रशिक्षण, शालेय स्वास्थ्य परीक्षण, नियमित योगाभ्यास सत्र, सियान जतन, पेलेटिव केयर, वयोमित्र, एनसीडी स्क्रीनिंग, काढ़ा वितरण एवं स्वछता जागरूकता, नशा मुक्ति जागरूकता, जैसे विभिन्न गतिविधियों का आयोजन किया जा रहा है।
*शिविर में 257 लोगों ने लिया लाभ*
इस माह लगाए आयोजित शिविरों में 257 ग्रामीणों ने स्वास्थ्य लाभ लिया, जबकि 145 बच्चों का शालेय स्वास्थ्य परीक्षण किया गया। हर महीने पाँच गाँवों में यह शिविर आयोजित किए जाते हैं। इस माह शिविर रनभाटा, जिलाडी, सिलाडी, रायपाली और नावापारा में लगाए गए।