अपनी पसंद की खबर खोजें
Azaad Bharat News/दिल्ली के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ) कार्यालय को मतदाता सूची में सुधार के लिए 2 लाख से अधिक आवेदन प्राप्त हुए हैं। इनमें मतदाता सूची में नाम और पते की गलतियों की शिकायतें पता बदलने और नए मतदाताओं के नाम शामिल करने के लिए आवेदन शामिल हैं। 24 दिसंबर तक शिकायतों का निपटारा किया जाएगा और 6 जनवरी को अंतिम मतदाता सूची जारी की जाएगी।
नई दिल्ली। विशेष सारांश संशोधन अभियान के तहत मतदाता सूची में सुधार के लिए दिल्ली के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ) कार्यालय को सवा दो लाख आवेदन मिले। जिसमें मतदाता सूची में नाम पते की गलतियों की शिकायतों के अलावा पता बदलवाने व मतदाता सूची में नए मतदाताओं के नाम शामिल करने आवेदन भी शामिल हैं।
बूथ लेवल अधिकारियों (बीएलओ) द्वारा आवेदन के सत्यापन के बाद 24 दिसंबर तक शिकायतों का निपटारा किया जाएगा। इसके बाद छह जनवरी को सीईओ कार्यालय फाइनल मतदाता सूची जारी करेगा। जिसके आधार पर आगामी दिल्ली विधानसभा चुनाव होगा।
दिल्ली की सीईओ आर एलिस वाज ने बताया कि वैसे तो विशेष सारांश संशोधन अभियान के तहत शिकायतें स्वीकार करने की अवधि 28 नवंबर को खत्म हो गई। फिर भी अगले एक जनवरी तक 18 वर्ष की उम्र पूरी करने वाले लोग मतदाता सूची में नाम शामिल कराने के लिए अब भी फार्म छह दे सकते हैं। इसके अलावा मतदाता सूची में सुधार के लिए भी आवेदन दिए जा सकते हैं। सीईओ कार्यालय के अनुसार दिल्ली में 123 नए मतदान केंद्र स्थल बढ़ाए गए हैं और 53 पुराने मतदान केंद्र स्थल खत्म कर दिए गए हैं। क्योंकि उन मतदान केंद्र स्थलों के भवन जर्जर थे। इसलिए 70 मतदान केंद्र स्थल बढ़ गए हैं।
मतदान केंद्रों पर मतदाताओं की संख्या एक समान करने के लिए यह कदम उठाया गया है। लिहाजा, आगामी दिल्ली विधानसभा चुनाव में 2697 मतदान केंद्र स्थल होंगे। पिछले लोकसभा चुनाव के दौरान दिल्ली में 2627 मतदान स्थलों पर बने 13,641 मतदान बूथों में मतदान हुआ था। मतदान केंद्र स्थल की संख्या बढ़ने से विधानसभा चुनाव में मतदान बूथ भी बढ़ेंगे और प्रत्येक बूथ पर औसतन 1180 मतदाता होंगे।
सीइओ कार्यालय का कहना है कि मतदाता सूची में संशोधन के पहले चरण में 20 अगस्त से बीएलओ ने घर-घर जाकर निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने 1.62 लाख आवेदन एकत्रित किए। इसके बाद 29 अक्टूबर को मतदाता सूची का मसौदा तैयार कर मतदाताओं से आवेदन मांगे गए। इसके अलावा नौ व दस नवंबर और 23 व 24 नवंबर को विशेष शिविर लगाकर अभियान चलाया गया।
इस विशेष शिविर में 45 हजार मतदाताओं ने आवेदन दिए। नया मतदाता पहचान पत्र बनने के बाद डाक से वह मतदाताओं के घर पहुंच जाएगा। वैसे मतदाता चुनाव आयोग की वेबसाइट (https://voters.eci.gov.in) से भी मतदाता पहचान पत्र डाउनलोड कर सकते हैं। सीईओ कार्यालय का कहना है कि एक से अधिक निर्वाचन क्षेत्रों में किसी मतदाता का नाम होना गैर कानूनी है। इसलिए सुधार के लिए वोटर हेल्पलाइन एप या वेबपोर्टल (https://electoralsearch.eci.gov.in) के माध्यम से आवेदन दिया जा सकता है।