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झांसी के जिलाधिकारी अविनाश कुमार ने बताया कि आग लगने की वजह शॉर्ट सर्किट हो सकती है. मामले की विस्तृत जांच के आदेश दे दिए गए हैं.
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस घटना को “दिल दहला देने वाला” बताया और घायलों को सर्वोत्तम चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने का निर्देश दिया.
उन्होंने एक्स पर लिखा, “झांसी जिले के मेडिकल कॉलेज के NICU में हुई दुर्घटना में बच्चों की मृत्यु अत्यंत दुखद एवं हृदयविदारक है. जिलाधिकारी और संबंधित अधिकारियों को युद्धस्तर पर राहत एवं बचाव कार्य करने का निर्देश दिया गया है. मैं प्रभु श्री राम से प्रार्थना करता हूं कि दिवंगत आत्माओं को शांति और घायलों को शीघ्र स्वस्थ करें.” मुख्यमंत्री ने मंडलायुक्त और पुलिस उपमहानिरीक्षक (DIG) से 12 घंटे के भीतर विस्तृत रिपोर्ट मांगी है.
मुख्यमंत्री के निर्देश पर डिप्टी सीएम बृजेश पाठक और स्वास्थ्य सचिव पार्थ सारथी सेन शर्मा झांसी के लिए देर रात ही रवाना हो गए. जिलाधिकारी, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) सुधा सिंह और पुलिस उपमहानिरीक्षक (DIG) सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे और बचाव कार्यों का जायजा लिया. SSP सुधा सिंह ने बताया कि 16 घायल बच्चों का इलाज चल रहा है और उन्हें बचाने की हरसंभव कोशिश की जा रही है. सभी चिकित्सक और आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध हैं.
झांसी के महारानी लक्ष्मीबाई मेडिकल कॉलेज के नवजात शिशु गहन चिकित्सा कक्ष (एसएनसीयू वार्ड) में शुक्रवार को हुए भीषण अग्निकांड में कई नवजात शिशुओं की मौत पर उत्तर प्रदेश के उप मुख्यमंत्री बृजेश पाठक ने गहरा शोक व्यक्त किया. उन्होंने इसे अत्यंत दुःखद और हृदयविदारक घटना बतायाय
डिप्टी सीएम का बयान
बृजेश पाठक ने सोशल मीडिया पर घटना पर दुख व्यक्त करते हुए कहा, “झांसी के महारानी लक्ष्मीबाई मेडिकल कॉलेज के एसएनसीयू वार्ड में अग्निकांड की दुर्भाग्यपूर्ण घटना में कई नवजात शिशुओं की मृत्यु अत्यंत दुःखद एवं हृदयविदारक है.” उन्होंने जिला प्रशासन और संबंधित अधिकारियों को युद्धस्तर पर राहत और बचाव कार्य संचालित करने के निर्देश दिए हैं. डिप्टी सीएम ने कहा कि वह स्वयं दुर्घटना स्थल पर पहुंच रहे हैं और राहत कार्यों की निगरानी करेंगे. उन्होंने प्रभु श्री राम से प्रार्थना करते हुए कहा,
“पुण्यात्माओं को शांति और घायलों को शीघ्र स्वास्थ्य लाभ प्रदान करें.”