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जयंती स्टेडियम के पीछे जब सिपाहियों ने अमित को घेरा तो उसने दो सिपाहियों पर फायरिंग कर दी, जिसके बाद अतिरिक्त बल बुलाकर आरोपी की घेराबंदी करते हुए जवाबी कार्रवाई की. इस दौरान आरोपी अमित ने पुलिस पर ताबड़तोड़ फायरिंग की. पुलिस की जवाबी कार्रवाई में गोली लगने से उसकी मौत हो गई. चार महीने पहले भिलाई में बाईक सवार तीन युवकों पर अमित जोश गैंग ने ग्लोब चौक के पास फायरिंग की थी, जिससे एक घायल हो गया था. पुलिस ने गैंग के 2 आरोपियों को गिरफ्तार किया था. मुख्य आरोपी अमित जोश फरार चल रहा था, जिसकी तलाश पुलिस कर रही थी. विश्रामपुर निवासी रमनदीप सिंह वहीं के रहने वाले अपने दोस्त सुनील यादव और आदित्य सिंह से मिलने आया था. दोस्त के आने की खुशी में तीनों ने देर रात तक पार्टी की. इसके बाद बाइक लेकर टाउनशिप की तरफ घूमने निकले थे.
वो लोग बाइक में बैठकर शोर मचाते हुए गाली देते हुए निकल रहे थे. इसी दौरान अमित जोश और उसके तीन साथी बाइक से निकले उन्होंने ग्लोब चौक के आगे रमनदीप की बाइक को रोककर उसके आगे अपनी बाइक लगा दी. इससे पीछे बैठे सुनील और आदित्य काफी घबरा गए. अमित जोश उन लोगों को गाली देने लगा कि तुम लोग उन्हें गाली दे रहे थे. इस पर सुनील और आदित्य ने कहा कि वो आपको गाली नहीं दे रहे थे आपस में बात कर रहे थे. इस दौरान अमित जोश ने उन लोगों को गाली दी तो उन्होंने इसका विरोध किया. इससे अमित और उसके साथी इतने गुस्से में आ गए कि अमित जोश ने पिस्टल निकलकर उस पर फायर कर दी. इससे रमनदीप वहां से भागने लगा.
बढ़ते क्राइम को रोकना बहुत जरूरी है, क्योंकि छत्तीसगढ़ में क्राइम ग्राफ बड़ा रहा है, हथियार रखना या खुलेम उनको लहराना आम बात है। पुलिस के लिए चुनौति बने अपराधियों को रोकना जरूरी है।