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नई दिल्ली : आरक्षण बचाओ संघर्ष समिति ने एससी/एसटी आरक्षण के अंदर उप-वर्गीकरण की अनुमति देने वाले सुप्रीम कोर्ट के फैसले के जवाब में 21 अगस्त, 2024 को देशव्यापी भारत बंद का आह्वान किया है. बंद को विशेषकर राजस्थान में विभिन्न सामाजिक और राजनीतिक संगठनों का समर्थन मिल रहा है. कई राज्यों, खासकर पश्चिमी उत्तर प्रदेश में पुलिस कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए हाई अलर्ट पर है. हड़ताल के दौरान आपातकालीन सेवाएं चालू रहेंगी.
सुप्रीम कोर्ट का हालिया फैसला आरक्षण नीतियों के तहत अनुसूचित जाति (SC) और अनुसूचित जनजाति (ST) के उप-वर्गीकरण की अनुमति देता है. राज्यों को एससी और एसटी आरक्षण के अंदर उप-श्रेणियां बनाने की अनुमति देने के सुप्रीम कोर्ट के फैसले का कड़ा विरोध हुआ है. कई लोगों का मानना है कि यह फैसला कुछ समूहों को आरक्षण में उनके उचित हिस्से से संभावित रूप से वंचित करके सामाजिक न्याय के सिद्धांतों को कमजोर करता है. भारत बंद का उद्देश्य इस फैसले को चुनौती देना है और इसे वापस लेने की मांग करना है ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि एससी/एसटी समुदाय के सभी वर्गों को समान लाभ मिलता रहे.
प्राप्त जानकारी के अनुसार, बसपा सुप्रीमो मायावती ने भारत बंद का समर्थन किया है. उन्होंने कहा कि बीएसपी का भारत बंद को समर्थन है क्योंकि भाजपा व कांग्रेस आदि पार्टियों का आरक्षण विरोधी षड्यंत्र है.