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सेंट्रल फॉरेंसिक साइंस लेबोरेटरी (CFSL) से मनोवैज्ञानिक और व्यवहार विश्लेषकों की 5 मेंबर्स की टीम यह टेस्ट कर रही है। इस टेस्ट से पता चल सकता है कि जघन्य अपराध को लेकर आरोपी संजय की क्या मानसिकता थी।
कोलकाता पुलिस ने भाजपा की पूर्व सांसद लॉकेट चटर्जी पर केस दर्ज कर समन जारी किया है। पुलिस ने कहा कि लॉकेट ने प्रदर्शन के दौरान ट्रेनी डॉक्टर की पहचान उजागर की थी। उन्हें 3 बजे पूछताछ के लिए बुलाया गया है।
इसके अलावा कोलकाता पुलिस ने TMC सांसद सुखेंदू शेखर को भी समन जारी कर 4 बजे पूछताछ के लिए बुलाया है। उन पर केस को लेकर अफवाह और फर्जी खबरें फैलाने का आरोप है।
दरअसल, 9 अगस्त को कोलकाता के आरजी कर मेडिकल कॉलेज में ट्रेनी डॉक्टर का रेप के बाद हत्या की गई थी। 14 अगस्त की देर रात इसी अस्पताल में हिंसा हुई, जिसके बाद डॉक्टरों ने प्रदर्शन तेज किया।
देशभर से प्रदर्शन की तस्वीरें...
केस और हड़ताल को लेकर आज के अपडेट्स
केंद्र का आदेश- हर 2 घंटे में सभी राज्य कानून व्यवस्था की रिपोर्ट देंगे
17 अगस्त की देर रात केंद्र सरकार ने नया आदेश जारी करते हुए कहा- अब सभी राज्यों को हर दो घंटों में कानून-व्यवस्था की जानकारी गृह मंत्रालय कंट्रोल रूम को फैक्स, ई-मेल या वॉट्सऐप के जरिए देंगे।
मेडिकल कॉलेज के पास धारा 163 लागू
कोलकाता पुलिस ने आरजी कर मेडिकल कॉलेज और अस्पताल के पास आज (18 अगस्त) से भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 163 (पहले CRPC की धारा 144) लागू कर दी है।
इस आदेश में कहा गया है कि अगले 7 दिनों (24 अगस्त) तक धरना-प्रदर्शन पर रोक रहेगी। 5 से ज्यादा लोगों के जुटने, हथियार लेकर जाने या तनाव पैदा करने वाली किसी भी गतिविधियों की अनुमति नहीं होगी।
निर्भया की मां बोलीं- 2012 से अब तक कुछ नहीं बदला
निर्भया की मां ने शनिवार को कहा- 2012 से अबतक कुछ नहीं बदला है। ममता अपने पद का दुरुपयोग कर रही हैं। वे इस घटना के दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करने के बजाय मुद्दे से ध्यान भटकाने का प्रयास कर रहीं हैं।
ममता को अपने पद से इस्तीफा दे देना चाहिए। जब तक केंद्र और राज्य सरकारें हैवानियत करने वालों को अदालत से तत्काल सजा दिलाने को लेकर गंभीर नहीं होंगी, तब तक आए दिन देश के इस तरह की घटनाएं सामने आती रहेंगी।
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डॉक्टरों की हड़ताल का असर
स्वास्थ्य मंत्रालय ने 17 अगस्त को बयान जारी कर कहा- डॉक्टरों की मांग को लेकर कमेटी बनाई जाएगी। सुरक्षा के लिए राज्य सरकारों से भी सुझाव मांगे जाएंगे। केंद्र के फैसले के बाद IMA ने भी बयान जारी किया। इसमें कहा गया, 'IMA सभी पहलुओं पर सावधानीपूर्वक विचार करने और अपनी सभी स्टेट ब्रांच से सलाह लेने के बाद जवाब देगा। हम हेल्थ मिनिस्ट्री की ओर से जारी स्टेटमेंट की स्टडी कर रहे हैं।'
IMA चीफ बोले- हमने ऐसा कुछ नहीं मांगा जो सरकार नहीं दे सकती
IMA चीफ डॉ. अशोकन ने शनिवार को कहा- इमरजेंसी सेवाएं छोड़कर अस्पतालों में कामकाज बंद है। हमारी मांग है कि डॉक्टरों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए। हमने ऐसा कुछ नहीं मांगा जो सरकार नहीं कर सकती है। हम जीवन के अधिकार की मांग कर रहे हैं। यह मौलिक अधिकार है। हम प्रधानमंत्री को पत्र लिखेंगे। मामले में उन्हें हस्तक्षेप करना चाहिए। PM ने 15 अगस्त की स्पीच में महिलाओं की सुरक्षा की बात कही थी।