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शादी के बाद इंद्रपाल और शशि भिवाड़ी के खुशखेड़ा स्थित आनंदा ग्रीन सोसाइटी में किराए पर रहने लगे और दोनों का एक बेटा भी हुआ. शशि खुशखेड़ा की एक कंपनी में गार्ड की नौकरी करती थी. शादी के बाद भी शशि के अन्य लोगों से अवैध रिश्ते थे. इंद्रपाल के फ्लैट के ऊपर दूसरे फ्लैट में हैदराबाद का बालकांत और फरीदाबाद का कुलदीप किराए पर रहता था और वो दोनों भी खुशखेड़ा में प्राइवेट नौकरी करते थे. शशि के कुलदीप और बॉलकांत दोनों से अवैध संबंध थे.
रिपोर्ट के मुताबिक इंद्रपाल की वजह से कुलदीप और बालाकांड को शशि से मिलने में परेशानी होती थी और उसके घर आने-जाने में दिक्कत होती थी. ऐसे में तीनों ने मिलकर इंद्रपाल को रास्ते से हटाने का प्लान बनाया. बालकांड और कुलदीप ने शशि को भिवाड़ी की एक दूसरी सोसाइटी में किराए का कमरा दिलवाया जहां शशि अपने दोनों बच्चों के साथ रहने लगी. शशि बिना बताए घर से चली गई तो इंद्रपाल परेशान था. बालकांत और कुलदीप ने इंद्रपाल से कहा कि उसकी पत्नी उसे छोड़ कर चली गई है जिसके बाद परेशान इंद्रपाल उसकी तलाश में जुटा रहा.
इसी बीच कुलदीप और बालकांत ने इंद्रपाल से कहा कि तिजारा में एक बाबा है जो उसकी पत्नी के बारे में उसे बता सकते हैं. ऐसे में इंद्रपाल दोनों के बताए अनुसार 28 तारीख को देर रात तिजारा के लिए निकला. कुलदीप और बालाकांत भी एक स्कूटी पर उसके साथ तिजारा आए. इसी दौरान रास्ते में धारदार हथियार से कुलदीप और बालकांत ने इंद्रपाल की गला रेत कर हत्या कर दी और उसके बाद शव को वहीं छोड़कर फरार हो गए. 29 जून की सुबह पुलिस को शव की जानकारी मिली. पुलिस ने बाइक की नंबर प्लेट और कॉल रिकॉर्ड से मृतक इंद्रपाल की पहचान की.
शशि और इंद्रपाल जिस सोसाइटी में रहते थे वहां पुलिस ने लोगों से पूछताछ की. पुलिस को पता चला कि इंद्रपाल की पत्नी शशि के अन्य लोगों से भी संबंध थे और उसके घर पर कई लोगों का आना-जाना रहता था. उन्होंने बताया कि शशि के गायब होने के बाद सोसाइटी से बालकांत और कुलदीप भी गायब हो गए. इसके बाद जब कॉल डिटेल्स और अन्य तथ्यों के आधार पर पुलिस ने शशि को हिरासत में लिया और कड़ाई से पूछताछ की तो शशि ने हत्या में अपनी भूमिका समेत पूरी साजिश का खुलासा कर दिया.