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Azaad-bharat News/रायपुर। छत्तीसगढ़ के एक्स आईपीएस जीपी सिंह को चार सप्ताह में बहाल करने व उनके प्रकरण निराकृत करने के निर्देश केंद्रीय प्रशासनिक न्यायाधिकरण ने दिए हैं। 21 जुलाई 2023 को राज्य सरकार की अनुशंसा पर मिनिस्ट्री आफ होम अफेयर्स भारत सरकार ने उन्हें अनिवार्य सेवानिवृत्ति दे दी थी। इसे 1994 बैच के आईपीएस जीपी सिंह ने कैट में चुनौती दी थी।
बता दे कि छत्तीसगढ़ कैडर के आईपीएस जीपी सिंह के यहां भूपेश सरकार के समय एसीबी की टीम ने 1 जुलाई 2021 को छापा मारा था। उनके रायपुर के पुलिस लाइन स्थित सरकारी बंगले समेत राजनांदगांव,उड़ीसा के लगभग 15 ठिकानों पर छापा मारा गया था। 10 करोड़ की अघोषित संपत्ति व संवेदनशील दस्तावेज मिलने को आधार बनाकर जीपी सिंह के खिलाफ भ्रष्टाचार के मामले में एफआईआर दर्ज कर 5 जुलाई 2021 को उन्हें निलंबित कर दिया गया था। निलंबन के तीन दिन बाद 8 जुलाई को उनके खिलाफ राजद्रोह का मामला भी दर्ज किया था। इसके अगले ही दिन 9 जुलाई 21 को जीपी सिंह ने हाईकोर्ट में याचिका दाखिल कर अपने खिलाफ दर्ज मामलों में सीबीआई जांच की मांग की थी। इस बीच गिरफ्तारी से बचने के लिए जीपी सिंह भूमिगत हो गए थे। पर एसीबी की टीम ने 11 जनवरी 2022 को उन्हें नोएडा से गिरफ्तार कर लिया था। 120 दिन जेल काटने के बाद मई 22 में उन्हें जमानत मिल सकी थी।