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Azaad-bharat/18 अप्रैल 2024। रायगढ़ जिले के जंगल में विचरण करने वाले गजों का आतंक लगातार जारी है। धर्मजयगढ़ वन मंडल में ही इन दिनों 105 हाथी अलग-अलग रेंज में विचरण कर रहे हैं। जहां रात हाथियों के 5 किसानों के धान की फसल के साथ-साथ 180 औजारों के अलावा 54 एनजी फेंसिंग पोल को नुकसान पहुंचा है।
इस संबंध में मिली जानकारी के अनुसार इन दिनों केवल धर्मजयगढ़ वन मंडल में ही अलग-अलग रेंज में 105 हाथी विचार कर रहे हैं। जिसमें 22 नर, 51 मादा और 32 बच्चे शामिल हैं। हाथी के इस दल में धरमजयगढ़ के हाथी ने 32 हाथी, बाकारूमा के जंबीरा ने 22 हाथी, हाथी के इस दल में 22 हाथी, कापू के कुमरता ने 11 हाथी, धरमजयगढ़ वन मंडल में 9 हाथियों के हाथी को हराया। अलग-अलग बीट में हैंडियों का दल विचरण कर रहा है।
वन विभाग के अधिकारियों द्वारा लगातार हाथियों के निरीक्षण पर कैमरे के जरिए निगरानी रखते हुए हाथी प्रभावित क्षेत्र के ग्रामीणों को मरीजों से सावधान रहने की सलाह दी जा रही है। ताकि उनके क्षेत्र में हाथी के हमलों से किसी प्रकार की जनहानी की घटना का आभास न हो। रात हाथियों के एक दल ने बाकारूमा के जंबीरा बीट के सोखामुड़ा गांव में 03 किसानों के धान की फसल, छात्रों के कीता और तेंदुमुड़ा गांव में दो किसानों के धान की फसल, छात्रों के पुरोंग बीट में 1 किसानों के धान की फसल के अलावा पुरोंग इसमें ही बनाए रखा गया है 180 एनजी पोल को नुकसान पहुंचाए गए 180 एनजी पोल को नुकसान पहुंचा है।
इस घटना की जानकारी में वन विभाग की टीम द्वारा शामिल किए गए डैमेज का आकलन करने के लिए आगे की कार्रवाई जारी की गई है। वन विभाग द्वारा क्षेत्र में लगातार हाथियों के निरीक्षण को देखते हुए गांव के जंगलों को जंगल की तरफ जाने की सलाह भी नहीं दी जा रही है। साथ ही आसपास के इलाकों में मुनादी बनाए गए हाथी से सावधानी बरतने की बात कही जा रही है।