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गोपालगंज: बिहार के गोपालगंज में दिल दहला देने वाली घटना हुई है. I. बीमार बेटी की मौत के बाद त्रिनेत्र ने ट्रेन के आगे खुद कर अपनी जान दे दी। इवेंट से इलाके में इवेंट मच गया है। अब परिवार में किसी के लिए रोने वाला नहीं है। पूरे इलाके में ट्राइबल एज़ामिन से मातम का संक्रामी इलाक़ा हो गया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
घटना बरौली के चंदन रथ गांव की है। मृतकों की पहचान रामसूरत महतो और उनके दोनों बेटे सचिन कुमार और दीपक कुमार के रूप में हुई है। यूनिवर्सल ने सभी शवों को व्यवसाय में ले लिया है और शवों को भेज दिया है। पुलिस को पता चला है कि उसका ऑफिस जा रहा है।स्थानीय मुखिया, सरपंच और ग्रामीणों से मिली जानकारी के अनुसार रामसूरत महतो की बेटी 5 सालों से बीमार थी। उसे पर पैरालिसिस की शिकायत थी। बेटी की बीमारी के शोक में 3 साल पहले ही माता की मौत हो गई थी।गोपालगंज के वकील द्वारा हाथ खड़े कर दिए जाने के बाद गोरखपुर में बच्ची का इलाज चल रहा था। असाध्यय और लंबी बीमारी के कारण पूरे परिवार की आर्थिक स्थिति टूट गई थी। गुरुवार की रात बीमार बेटी की मौत हो गई जिसका सदमा रामसूरत महतो सहन नहीं कर सका। शायद इसी कारण से परिवार के सभी सदस्यों ने एक साथ आत्महत्या का ख़तरा उठाने का निर्णय लिया।
यूनिवर्सल ने बताया कि चंदन रथ के पास रेलवे लाइन पर तीर्थयात्रियों की मौत का आकलन करने के लिए पुलिस अधिकारियों से बातचीत में बड़ी संख्या में लोगों को शामिल किया गया था। घटना से पहले थावे-छपरा यात्री यात्री था। इसी ट्रेन के आगे छलांग लगाकर आत्महत्या कर ली। इस घटना के बाद पूरे इलाके में मातम का सेन्ट्रल सेन्ट्रल हुआ।