December 05, 2023


मृदा स्वास्थ्य-टिकाऊ खेती का आधार-डॉ.के.डी.महंत*



रायगढ़, 5 दिसंबर 2023/ विश्व महोत्सव दिवस का संदेश-मृदा एवं जल जीवन का स्रोत है। कृषि विज्ञान केंद्र के डॉ. के.डी.महंत ने जानकारी देते हुए बताया कि विश्व स्तर पर मिट्टी की रक्षा करने और किसानों की मदद करने के प्रयास में एफएओ ने चेतावनी दी है कि हर पांच सेकंड में एक फुटबॉल पिच के बराबर पृथ्वी नष्ट हो जाएगी। है. केवल कुछ प्रोटोटाइप ऊपरी मिट्टी के निर्माण और भूमि की बहाली में मदद करने में भी लगभग एक हजार साल लग गए। स्वस्थ्य पोषक तत्व का मतलब है कि पोषक तत्व में आवश्यक पोषक तत्व (कार्बनिक पदार्थ) मुख्य एवं सूक्ष्म पोषक तत्व की मात्रा एवं पोषक तत्व की क्षमता हो। जिससे अधिक व्यावसायिक उत्पाद लिया जाता है। उन्होंने बताया कि कंकाल स्वास्थ्य आधार में पांचवें सिद्धांत में शामिल हैं कंकाल कवच, मिट्टी की चट्टानों को कम करना, सिद्धांत की विविधता, निरंतर जीवित पौधे/पाद और पशुधन एकीकरण। इन सिद्धांतों का उद्देश्य निर्माण प्रभाव को अधिकतर करते हुए सिस्टम दृष्टिकोण में लागू करना है। स्वास्थ्य-अंतर्राष्ट्रीय स्वास्थ्य, मानव स्वास्थ्य, स्थिर के स्वास्थ्य और पशु स्वास्थ्य के घटक हैं। मानव स्वास्थ्य एक पर्यावरणीय अवधारणा है जो हमारी कार्य करने की क्षमता, एक-दूसरे और हमारे साथ भविष्य में बातचीत करने और ऐसा करने की क्षमता का वर्णन करती है। विक्टोरिया की प्राकृतिक संपदा के प्रबंधन के लिए मिट्टी के स्वास्थ्य को बढ़ावा देना, उसकी रक्षा करना और सुधार करना महत्वपूर्ण है। फार्मास्युटिकल हेल्थ मूल रूप से भूमि और स्थिरता से स्थापित है।

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          पोषक तत्वों के आधार पर विकृति स्वास्थ्य के स्तर का पता चलता है जो निम्नलिखित है। विजातीय अभिक्रिया का अभिप्राय वियोजन विलयन की अम्लता, क्षारीयता एवं संरचना से है। विलीनीकरण में विभिन्न तत्व आयनों के रूप में होते हैं। अमीलियन आयन जैसे कि सोडियम, नाइट्रेट और एस्ट्रोजन आदि और कैरियन आयन जैसे कि सोडियम क्लोराइड, कैल्शियम, मैग्नीशियम, ऑस्ट्रिया, ईस्टर्न आदि विलीनीकरण यौगिक रहते हैं। यदि अणु कोलाइड पर ठोस आयनों का सांद्रण कम हो तो अणु अम्लीय होता है और यदि परमाण्विक आयनों का सांद्रान कम हो तो परमाण्विक मात्रा समान होती है। स्वास्थ्य का अर्थ विकृति विज्ञान के सभी प्रभावों से संबंधित है, जिसका आधार फल का उत्पादन अच्छा हो सकता है और इसमें कर्मचारियों की वृद्धि और विकास के सभी गुण शामिल हो सकते हैं और उनकी संख्या और उनकी सक्रियता आदर्श स्तर की हो सकती है। इन्ही कच्चे माल के आधार पर स्वास्थ्य को निर्धारित किया जाता है। स्वास्थ्य के आधार संबंध स्वास्थ्य का इसका उर्वरशक्ति और सिद्धांत के सिद्धांतों से सीधा संबंध होता है।


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