छत्तीसगढ़

श्रद्धा मर्डर केसः आफताब के खिलाफ 6,629 पन्नों की चार्जशीट दायर, कोर्ट ने 7 फरवरी तक बढ़ाई न्यायिक हिरासत



चार्जशीट फॉरेंसिक और इलेक्ट्रॉनिक सबूतों के आधार पर तैयार की गई है और इसमें करीब 100 गवाह हैं। छतरपुर के जंगलों से बरामद हड्डियों की डीएनए रिपोर्ट को भी चार्टशीट में शामिल किया गया है। इसके अलावा अफताब का कबूलनामा और नार्को टेस्ट रिपोर्ट भी इसमें शामिल है।

फोटोः सोशल मीडिया
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दिल्ली पुलिस ने आज कोर्ट में अपनी लिव-इन पार्टनर श्रद्धा वाल्कर की हत्या के आरोपी आफताब अमीन पूनावाला के खिलाफ 6,629 पेज की चार्जशीट दायर कर दी। इसमें पूनावाला पर वाल्कर की हत्या करने और फिर उसके शरीर को कई टुकड़ों में काटने और उन्हें तीन महीने की अवधि में छतरपुर वन क्षेत्र में फेंकने से पहले एक रेफ्रिजरेटर में रखने का आरोप लगाया गया है। चार्जशीट के बाद कोर्ट ने आफताब की न्यायिक हिरासत 7 फरवरी तक बढ़ा दी।

सूत्रों के मुताबिक, चार्जशीट फॉरेंसिक और इलेक्ट्रॉनिक सबूतों के आधार पर तैयार की गई है और इसमें करीब 150 गवाह हैं। छतरपुर के जंगलों से बरामद हड्डियों की डीएनए रिपोर्ट को भी चार्टशीट में शामिल किया गया है। इसके अलावा अफताब का कबूलनामा और नार्को टेस्ट की रिपोर्ट भी इसमें शामिल है। आफताब का पॉलीग्राफी टेस्ट भी हुआ था, उसे भी चार्टशीट में जोड़े जाने की उम्मीद है।

आज आफताब को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए कोर्ट में पेश किया गया। इस दौरान उसने कोर्ट से कहा कि वह अपना वकील बदलना चाहता है। इससे पहले अदालत ने 10 जनवरी को उसकी न्यायिक हिरासत 14 दिनों के लिए बढ़ा दी थी। उस दिन पूनावाला ने पढ़ने के लिए कानून की किताबों की मांग की थी। अदालत ने जेल अधिकारियों को उसे गर्म कपड़े मुहैया कराने का भी निर्देश दिया था। इससे पहले पूनावाला ने 6 जनवरी को अदालत में एक आवेदन दिया था, जिसमें रोजमर्रा की वस्तुओं के साथ-साथ गर्म कपड़े खरीदने के लिए धन की जरूरत का हवाला देते हुए अपने डेबिट और क्रेडिट कार्ड जारी करने की मांग की गई थी।

कोर्ट ने इससे पहले 23 दिसंबर को भी उसकी न्यायिक हिरासत 14 दिनों के लिए बढ़ा दी थी। 22 दिसंबर को उसने यह दावा करते हुए अपनी जमानत याचिका वापस ले ली कि उसने गलत तरीके से जमानत के लिए आवेदन किया था। 17 दिसंबर को उसने दावा किया था कि उसने ‘वकालतनामा’ पर हस्ताक्षर किए थे, लेकिन जमानत अर्जी दाखिल करने के बारे में नहीं जानते थे।

बता दें कि आफताब पूनावाला ने 18 मई को दिल्ली स्थित महरौली में किराए के फ्लैट में झगड़े के बाद श्रद्धा वॉकर की हत्या कर दी थी। उसने श्रद्धा के शव के 35 टुकड़े कर दिए और बाद में उन्हें कई दिनों तक जंगलों में ठिकाने लगाता रहा। श्रद्धा की हत्या का खुलासा तब हुआ था जब उसके पिता अक्टूबर 2020 में महाराष्ट्र पुलिस के पास शिकायत लेकर गए थे। उन्होंने कई महीनों तक अपनी बेटी से संपर्क न होने की बात कही थी। इसके बाद पुलिस ने पूरी मामले का खुलासा किया था।




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