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मोरबी पुल त्रासदी: कोर्ट में दर्ज पुलिस और सरकारी वकील के बयान से हुए चौंकाने वाले खुलासे, सामने आई हादसे की वजह!



‘इंडियन एक्सप्रेस’ की एक रिपोर्ट के मुताबिक, जांच अधिकारी और मोरबी के डीएसपी पीए जाला ने कोर्ट को अपने बयान में बताया कि झूलता पुल के तार जंग खा गए थे और उनकी मरम्मत की जाती को तो यह हादसा नहीं होता। डीएसपी जाला ने कोर्ट को बताया, “गांधीनगर से आई एक टीम की फोरेंसिक साइंस लेबोरेटरी की रिपोर्ट के मुताबिक, पुल पर कितने लोगों को जाना चाहिए, इसकी क्षमता को निर्धारित किए बिना और बगैर सरकार की मंजूरी के पुल 26 अक्टूबर को खोल दिया गया था। रख-रखाव और मरम्मत के हिस्से के रूप में कोई जीवन रक्षक उपकरण या लाइफगार्ड तैनात नहीं किए गए थे।”

जाला ने कोर्ट में आगे कहा पुल तारों पर टिका था और तारों की कोई ऑयलिंग या ग्रीसिंग नहीं हुई थी। उन्होंने अदालत को यह भी बताया कि जहां से पुल के तार टूटे, वे जंग खाए हुए थे। अगर तारों की मरम्मत की गई होती तो हादसा नहीं होता। डीएसपी ने अपने बयान में कहा कि क्या काम हुआ और कैसे किया गया, इसका कोई दस्तावेज नहीं रखा गया। जो सामग्री खरीदी गई, इस्तेमाल की गई, उसकी जांच होनी बाकी है।



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