छत्तीसगढ़

शिवसेना विवादः उद्धव ठाकरे को मिला ‘मशाल’ चुनाव चिन्ह, चुनाव आयोग ने शिंदे गुट से फिर 3 विकल्प मांगा



शिंदे खेमे की तरफ से त्रिशूल, गदा और उगते सूरज का विकल्प चुनाव चिन्ह के लिए भेजा गया था, लेकिन आयोग ने त्रिशूल और गदा को धार्मिक बताते हुए खारिज कर दिया, जबकि उगता सूरज इसलिए नहीं दिया क्योंकि वह डीएमके के चुनाव चिन्ह से मेल खा रहा था।

फोटोः सोशल मीडिया
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महाराष्ट्र में शिवसेना के नाम और चुनाव चिन्ह को लेकर चल रही जंग के बीच चुनाव आयोग ने उद्धव ठाकरे गुट को ‘मशाल’ चुनाव चिन्ह आवंटित कर दिया है। वहीं आयोग ने उनकी पार्टी का नाम शिवसेना उद्धव बालासाहेब ठाकरे तय किया है। अब उद्धव ठाकरे अंधेरी पूर्व सीट पर हो रहे उपचुनाव में इसी नाम और निशान के साथ मैदान में उतरेगा।

वहीं चुनाव आयोग ने एकनाथ शिंदे गुट को ‘बालासाहेबची शिवसेना’ नाम दे दियाहै। लेकिन उनका चुनावी चिन्ह अभी तय नहीं किया गया है। चुनाव आयोग ने एकनाथ शिंदे से भी चुनाव चिन्ह के लिए तीन विकल्प मांगे हैं। उसके आधार पर ही उन्हें भी कोई चुनाव चिन्ह दिया जाएगा। खबर है कि शिंदे गुट की तरफ से चुनाव आयोग को पहले तीन विकल्प दिए गए थे, लेकिन आयोग ने उन तीन विकल्पों को रिजेक्ट कर दिया।

जानकारी के अनुसार शिंदे खेमे की तरफ से त्रिशूल, गदा और उगते सूरज के तीन विकल्प चुनावी चिन्ह के लिए भेजे गए थे, लेकिन चुनाव आयोग ने त्रिशूल और गदा को धार्मिक बताते हुए खारिज कर दिया, जबकि तीसरा वाला- उगता सूरज, इसलिए नहीं दिया क्योंकि वह डीएमके के चुनाव चिन्ह से मेल खा रहा था। ऐसे में शिंदे गुट को अब दोबारा चुनाव आयोग को तीन विकल्प भेजने पड़ेंगे।

चुनाव आयोग ने ये फैसला उस समय लिया है जब शिवसेना के नाम और चुनाव चिन्ह की लड़ाई दिल्ली हाईकोर्ट पहुंच गई है। आज ही उद्धव ठाकरे की तरफ से दिल्ली हाईकोर्ट में एक याचिका दायर कर चुनाव आयोग के उस फैसले का विरोध किया गया है, जिसमें शिवसेना के चुनाव चिन्ह को फ्रीज कर दिया गया था।




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