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उत्तर प्रदेश में अवनीश अवस्थी का रिटायरमेंट इफेक्ट! बदली नौकरशाही की सूरत, कहीं खुशी, कहीं मायूसी



एक अन्य अधिकारी ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि केंद्र सरकार ने उनके सेवा विस्तार के अनुरोध को ठुकरा दिया तो अब यदि योगी सरकार उन्हें किसी अहम पद पर समायोजित करती है तो प्रदेश सरकार पर भी सवाल खड़ा होना लाजिमी है, इसलिए अवनीश अवस्थी की सेवानिवृत्ति के बाद उनको किसी अहम पद पर नियुक्त किया जाएगा या नहीं, इसमें संशय है। इन समीकरणों को देखते हुए कयास लगाए जा रहे हैं कि यह फैसला भी केंद्र सरकार की सहमति से ही लिया जाएगा।

बीते महीने उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने तबादलों को लेकर चिटठी लिखी थी और स्वास्थ्य महकमे के अपर मुख्य सचिव अमित मोहन प्रसाद पर सवाल उठाए थे। तब प्रसाद ने कहा था कि उप मुख्यमंत्री की सहमति के बाद ही तबादले किए गए हैं। उनका यह जवाब भी सरकार को नागवार गुजरा था। अफसरशाही के एक धड़े का यह भी मानना है कि वह सरकार में अपनी अहम पद पर तैनाती का इंतजार कर रहे थे, पर ऐन वक्त पर उन्हें हाशिये पर रख दिया गया। प्रसाद को अपर मुख्य सचिव, सूक्ष्म, लघु, मध्यम उद्यम एवं निर्यात प्रोत्साहन, हथकरघा एवं वस्त्रोद्योग, खादी एवं ग्रामोद्योग विभाग का प्रभार देकर किनारे लगाया गया।



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