छत्तीसगढ़

मनी लॉन्ड्रिंग मामला: सत्येंद्र जैन को राहत, ट्रायल कोर्ट की कार्यवाही पर लगी रोक, जानें कोर्ट ने क्या कहा?



मौजूदा समय में जैन तिहाड़ जेल में बंद है। 30 मई को पीएमएलए मामले में गिरफ्तारी के बाद से उनकी कई जमानत याचिकाएं खारिज हो चुकी है।

ईडी के अनुसार, जैन का मनी लॉन्ड्रिंग के लिए इस्तेमाल की जाने वाली शेल कंपनियों पर वास्तविक नियंत्रण था। सह-आरोपी अंकुश जैन और वैभव जैन उनकी कुठपुतली थे। दूसरी ओर, जैन के वकील ने तर्क दिया कि उनकी भूमिका पीएमएलए की धारा 45 के दायरे में नहीं आती है।

इससे पहले सीबीआई ने जैन, उनकी पत्नी और अन्य पर भ्रष्टाचार निरोधक कानून के तहत मामला दर्ज किया था। 31 मार्च को, ईडी ने अस्थायी रूप से मंत्री के स्वामित्व वाली और नियंत्रित कंपनियों से संबंधित 4.81 करोड़ रुपये की अचल संपत्तियों को कुर्क किया।

6 जून को, ईडी ने जैन, उनकी पत्नी और उनके सहयोगियों से संबंधित कई स्थानों पर छापे मारे, जिन्होंने या तो प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से उनकी सहायता की थी। छापेमारी के दौरान 2.85 करोड़ रुपये नकद और 1.80 किलोग्राम वजन के 133 सोने के सिक्के बरामद किए गए।



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