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ओम ने जिले के साथ पूरे प्रदेश को किया गौरवान्वित- कलेक्टर श्रीमती रानू साहू: कलेक्टर श्रीमती रानू साहू ने नीट टॉपर ओम प्रभु को दी शुभकामनाएं


रायगढ़, कलेक्टर श्रीमती रानू साहू ने मेडिकल एंट्रेंस एग्जाम नीट में ऑल इंडिया रैंक 44 लाकर रायगढ़ जिले के साथ पूरे प्रदेश को गौरवान्वित करने वाले छात्र ओम प्रभु साहू से मुलाकात कर उन्हें उनकी इस स्वर्णिम सफलता के लिए ढेरों बधाई व शुभकामनाएं दीं। उन्होंने उनकी माता श्रीमती सुनीता साहू और पिता श्री कृष्ण कुमार साहू को भी उनके बेटे की इस गौरवशाली उपलब्धि के लिए बधाइयां दीं।
कलेक्टर श्रीमती साहू ने कहा कि हम सभी के लिए यह अत्यंत हर्ष का विषय है कि ऑल इंडिया में टॉप 50 में आने के साथ ही प्रदेश में टॉप करने वाले ओम प्रभु रायगढ़ से हैं। इससे यहां के दूसरे प्रतिभागियों को भी प्रेरणा मिलेगी कि वे यहां रहकर भी सटीक रणनीति और मेहनत के बल पर पूरे देश में अपना नाम रोशन कर सकते हैं। कलेक्टर श्रीमती साहू ने ओम से उनके तैयारियों और मेडिकल के फील्ड में आगे की योजनाओं को लेकर भी बात-चीत की। ओम ने बताया कि उन्होंने इसी वर्ष 12 वीं की परीक्षा 96% अंकों के साथ पास की है। नीट में आए रैंक के साथ उन्हें एम्स दिल्ली में आसानी से एडमिशन मिल जायेगा। अपनी एमबीबीएस की पढ़ाई पूरी करके वो आगे न्यूरोसर्जन बनना चाहते हैं। कलेक्टर श्रीमति साहू ने उन्हें इसके लिए भी शुभकामनाएं दीं।
*फर्स्ट अटेम्प्ट में ही सपना हुआ साकार, 18 लाख में से सिर्फ 125 को मिलता है एम्स दिल्ली से पढ़ने का मौका*
ओम प्रभु कहते हैं कि उनका सपना पहले ही अटेम्प्ट में साकार हो गया है। ऑल इंडिया रैंक 44 से उन्हें एम्स दिल्ली में पढ़ने का मौका मिलेगा। जो पूरे देश का सबसे शीर्ष मेडिकल संस्थान है। परीक्षा में बैठने वाले सभी परीक्षार्थियों का यह ड्रीम कालेज होता है। इस साल परीक्षा में करीब 18 लाख एस्पिरेंट्स बैठे थे जिसमें से सिर्फ 125 को यहां पढ़ने का मौका मिलता है। ऐसे में यह दोहरी खुशी का मौका है।
परिवार के सपोर्ट और सेल्फ स्टडी ने दिलायी सफलता
ओम अपनी सफलता का श्रेय माता पिता के सपोर्ट के साथ ही अपने बड़े भाई बहनों से मिले गाइडेंस को देते हैं। उन्होंने बताया कि परीक्षा की तैयारी के लिए उन्होंने स्कूल की पढ़ाई के साथ घर पर ही रहकर ऑनलाइन कोचिंग भी ली। सेल्फ स्टडी पर जोर देने वाले ओम कहते हैं कि कोचिंग से आपको क्या और कैसे पढ़ना है इसकी जानकारी मिलती है। लेकिन नियमित रूटीन के साथ सेल्फ स्टडी सबसे महत्वपूर्ण है।