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Morbi Bridge Collapse: जिस कंपनी के पास था मोरबी पुल का ठेका, उस ग्रुप के MD निकले हिटलर के समर्थक!



आपको बता दें, जयसुख पटेल अपनी किताब में आरक्षण, शासन-सत्ता और भूमि अधिग्रहण की मौजूदा प्रणाली का मुखर विरोध करते हैं। उन्होंने किताब में लिखा है कि “गुलामी हमारे डीएनए में है और तानाशाह ही हमें भ्रष्टाचार से मुक्ति दिला सकता है। 95% से अधिक सरकारी कर्मचारी, अफसर और नेता भ्रष्टाचार में लिप्त हैं।”

इस किताब में जयसुख पटेल ने कश्मीर से लेकर राजनीति की तमाम समस्याओं के समाधान का दावा किया है और जयसुख पटेल के विचार लोकतांत्रिक व्यवस्था, आरक्षण और किसानों के विरुद्ध होने के साथ ही अधिनायकवाद के समर्थन में भी हैं। खबर के मुताबिक, जयसुख पटेल किसी नियम, सर्टिफिकेट और पंजीकरण के भी पूरी तरह खिलाफ हैं।

आपको मोरबी जिले में रविवार शाम को हुए इस हादसे में अब तक कम से कम 135 लोगों की मौत हो चुकी है और सैकड़ों लोग घायल हैं।



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